Friday , 14 May 2021

मप्र सरकार लेंगी एक हजार करोड़ का कर्ज, दिया प्रस्ताव

भोपाल (Bhopal) . मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार पुन: एक हजार करोड का कर्ज लेने जा रही है. इस आशय का प्रस्ताव भी ‎दिया जा चुका है. कुल ‎मिलाकर प्रदेश के ऊपर दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज हो चुका है. राज्य सरकार (State government) फरवरी-मार्च के विधानसभा में प्रस्तुत होने वाले बजट में कर्ज की स्थिति भी साफ करेगी. सूत्रों की माने तो प्रदेश सरकार नये वर्ष 2021 में पहली बार कर्ज लेने जा रही है. यह कर्ज एक हजार करोड़ रुपये का होगा और सोलह साल के लिए लिया जाएगा.

वित्त विभाग के अधिकारियों को कहना है के सरकार मार्च तक चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण ले सकती है. अच्छे वित्तीय प्रबंधन की वजह से प्रदेश को 14, 440 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण लेने की अनुमति केंद्र सरकार (Central Government)ने दी थी. इसके साथ जो शर्त लगाई गई थी, उनमें अधिकांश को सरकार पूरा कर चुकी है. इसको लेकर केंद्र सरकार (Central Government)ने मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की प्रशंसा भी की है.

कोरोनाकाल में आर्थिक गतिविधियां ठप होने के कारण राजस्व संग्रहण प्रभावित हुआ था लेकिन अब स्थिति सुधरती जा रही है. राज्य अपने स्वयं के संसाधनों से बेहतर राजस्व संग्रहण कर रहा है लेकिन केंद्र सरकार (Central Government)से मिलने वाली सहायता अभी भी पिछले साल की तुलना में कम है.इससे विकास परियोजनाएं प्रभावित न हों और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाई जाएं, इसके लिए एक हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया जा रहा है. 20 जनवरी को इस अंतिम निर्णय होगा. प्रदेश पर दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण हो चुका है. बताया जा रहा है कि वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तुत करने से पहले आर्थिक सर्वेक्षण और बजट में भी कर्ज की स्थिति स्पष्ट होगी. कर्ज ली गई इस राशि का उपयोग आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ विकास से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी के साथ पूरा करने में किया जाएगा.

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