Wednesday , 14 April 2021

मेरी लाडो शॉर्ट मूवी के माध्यम से दिया कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने का संदेश

बेटी बचाओ संकल्प रथ ने भीम देवगढ़ के गांवो मे पहुंचा दिलाई शपथ किया जागरूक

राजसमंद. जिले मे चल रहे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिला अधिकारिता विभाग ओर नेहरू युवा केंद्र के कॅरियर महिला मण्डल द्वारा बेटी बचाओ संकल्प रथ कई गांवो मे पहुंचा ओर संवाद कार्यक्रम सहित कई आयोजन हुए.

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत महिलाओं ओर बालिकाओ ने भाग लिया उन्हें सुदृढ़ता के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया व बताया की बेटियों के क्या-क्या अधिकार हैं और उन्हें किस तरह से हासिल करना है साथ ही समझाया कि शिक्षा के साथ आत्मबल का मजबूत होना बेहद जरूरी है, क्योंकि बिना आत्मबल मजबूत हुए कोई कुछ नहीं कर सकता. सशक्त बनने का संकल्प दिलाते हुए बेटियों से कहा गया कि इतनी सशक्त बनिए कि कोई भूलकर भी घूरकर न देखे.

कार्यक्रम में महिलाओ ने कई जगह नशे को लेकर अपनी बात रखी. किसी के मन में कुछ था तो उसने सभी के सामने सवाल किया. वक्ताओ द्वारा सभी सवालों का जवाब देकर महिलाओ को संतुष्ट किया. वहीं कही जगह महिलाए अपनी बात रखने से खुद को रोक नहीं सकीं ओर अपनी परेशानियों से अवगत भी कराया. संकल्प रथ मे एक एलईडी लगी है जिसमे शॉर्ट वीडियो क्लिप मेरी लाडो ओर भारत की है शान बेटियां हम सब का अभिमान बेटियां, मासिक धर्म शर्म का नहीं गर्व का विषय, महिला गरिमा हेल्पलाइन सहित कई जानकरिया प्रदान की जा रही है. पिछले दिनो के दोरान संकल्प रथ कामला, कामलीघाट, बाघना, विजयपुरा, सांगावास, मियाला, शक्करगढ़, ठीकरवास, भीम, नंदावट, अजीतगढ़, बली, राशमी, पाता की आंती, काला गुन, मालकोट, अर्जुन गढ़, ताल, सोहन गढ़, इशरमण्ड, लसानी, काकरोद, दोलपुरा सहित कई गांवो मे पहुंचा.

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को गाँव गाँव संकल्प रथ से कॅरियर महिला मण्डल ओर विभाग के साथ मिलकर जागरूकता प्रदान की जा रही है. संकल्प रथ के दोरान आने वाली सभी रिपोर्ट को प्रशासन के साथ सांझा कर समाधान करने का प्रयास किया जाएगा.
रश्मि कोसिश, महिला अधिकारिता सहायक निदेशक

गाँव गाँव महिलाओ ओर बालिकाओ के पास जाने से उनकी समस्याओ को समझना ओर उनके अधिकारो के बारे मे जागरुक करना आसान होगा इससे उनकी सोच मे परिवर्तन आएगा ओर किसी के दबाव मे निर्णय न लेकर उनकी स्वक्षमता का विकास होगा.
पवन घोसलिया, जिला युवा अधिकारी : नेहरू युवा केंद्र राजसमंद

अपने फैसले लेना खुद सीखें और आत्मनिर्भर बनें. खुद को अनसेफ समझने पर तुरंत प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन या पुलिस (Police) की मदद लें. माता-पिता भी बेटे-बेटियों में विभेद न करें. शिक्षा समेत बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराएं.
भावना पालीवाल, संरक्षक कॅरियर महिला मण्डल

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