Saturday , 15 May 2021

किसान आंदोलन में हो रही विदेशी फंडिंग सबूत खंगालने में जुटीं कई एजंसियां

नई दिल्ली (New Delhi) . किसान विरोधी प्रदर्शन को हवा देने के मामले में विदेशी फंडिंग की जांच पर एनआईए के अलावा अन्य एजेंसियों की भी नजर है. वित्तीय स्रोत खंगालने के लिए अन्य देशों की एजेंसियो से भी संपर्क की योजना है. सूत्रों का कहना है कि फंडिंग की कड़ियों को विभिन्न स्तर पर खंगाला जा रहा है. देश के भीतर व बाहर इसके स्रोत तलाशने के लिए एनआईए, ईडी, आईटी सहित अन्य संबंधित एजेंसियो का समन्वय बना हुआ है. एक अधिकारी ने कहा कि पूछताछ में शामिल न होने वाले संबंधित पक्षो को दोबारा समन भेजा जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय (Home Ministry) में 12 दिसंबर को एनआईए, ईडी, आईटी, CBI और एफसीआरए डिवीजन के अधिकारियों की एक बड़ी बैठक हुई थी.

इसके बाद ये प्लान तैयार हुआ कि सिख फॉर जस्टिस, बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान जिन्दाबाद फोर्स, खालिस्तान टाइगर फोर्स की ओर से की जा रही फंडिंग पर ध्यान रखा जाए और इन संगठनों के जरिए भारत में किन एनजीओ को मदद मिल रही है इसपर भी नजर रखी जाए. खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस विरोध प्रदर्शन में सिख फॉर जस्टिस, खालिस्तान जिन्दाबाद फोर्स, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे अलगाववादी संगठन पैसे के जरिए मदद कर रहे हैं. इस बाबत 15 दिसंबर 2020 को गृह मंत्रालय (Home Ministry) की शिकायत पर एक एफआईआर (First Information Report) दर्ज की गई. इस एफआईआर (First Information Report) में कहा गया है कि सिख फॉर जस्टिस और दूसरे खालिस्तानी आतंकी संगठन खालिस्तान जिन्दाबाद फोर्स, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और खालिस्तान टाइगर फोर्स जैसे अलगाववादी संगठन साजिश में शामिल हैं. वह अपने मुखौटा संगठनों के साथ मिलकर भारत में डर, अराजकता, असंतोष की स्थिति पैदा करने की साजिश रच रहे हैं और उन्हें भारत सरकार के खिलाफ विद्रोह के लिए भड़का रहे हैं.

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