Friday , 25 June 2021

केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट में खुलासा, मरने से पहले मनसुख हिरेन को बुरी तरह पीटा गया

मुंबई (Mumbai) . राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भले ही एंटीलिया मामले को सुलझाने का दावा कर रही हैं, लेकिन मनसुख हिरेन की मौत का मामला अभी भी पहेली बना हुआ है. मनसुख हिरेन की लाश की केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट आ चुकी है. रिपोर्ट के मुताबिक मौत से पहले मनसुख हिरेन को बुरी तरह से मारा पीटा गया था.
रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि मनसुख को जब समंदर में फेंका गया था,तब मनसुख हिरेन की सांसें चल रही थी. यानी वहां ज़िंदा थे.

केमिकल एनालिसिस का मकसद यह पता लगाना था कि मनसुख को मारने के बाद पानी में फेंका गया था या फिर ज़िंदा? रिपोर्ट ने इस बात का खुलासा कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक मनसुख हिरेन जब पानी के संपर्क में आए, तब वो ज़िंदा थे. दरअसल, किसी मुर्दा शख्स को जब पानी में फेंका जाता है,तब पानी उसके फेफड़े, ख़ून या बोन मैरो में नहीं जाता. लेकिन मनसुख हिरेन के बोन मैरो में डायटम मिले हैं, जो मुंब्रा क्रीक के पानी से मैच करते हैं.

मनसुख हिरेन की लाश 5 मार्च की सुबह मुंब्रा क्रीक में मिली थी. लाश के साथ पांच रूमाल भी थे, जो उनके मुंह पर बंधे हुए थे. साथ ही एक स्कार्फ भी मिला था. फिलहाल, मनसुख हिरेन की मौत की जांच कर रही महाराष्ट्र (Maharashtra) एटीएस की टीम रुमाल और स्कार्फ की पहेली को सुलझाने की कोशिश कर रही है. इस सिलसिले में एटीएस की टीम केमिकल एनालिसिस की रिपोर्ट पर दोबारा राय लेना चाहती है.

इसके लिए एटीएस रिपोर्ट को हरियाणा (Haryana) की मधुबन फॉरेंसिक लैब में भेजने जा रही है. एटीएस की टीम उन तमाम लोगों से भी पूछताछ कर रही है, जिन्होंने 5 मार्च को आखरी बार मनसुख हिरेन को देखा था. मामले के संदिग्ध सचिन वाज़े चूंकि 13 मार्च से लगातार एनआईए की हिरासत में हैं, लिहाजा मुंबई (Mumbai) एटीएस की टीम को अभी तक उनसे पूछताछ करने का मौका नहीं मिला है. हालांकि एनआईए मनसुख हिरेन की मौत की जांच पर लगातार नज़र रख रही है.

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