Friday , 25 September 2020

आकांक्षा और क्षमता के अनुसार मिले वोकेशनल एजुकेशन : मनीष सिसोदिया


नई दिल्ली (New Delhi) . उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने हरिनगर और तिलकनगर स्थित आईटीआई का दौर किया. यहां उन्होंने दोनों शैक्षणिक संस्थानों में संपन्न हो रही गतिविधियों और कार्यप्रणाली के साथ ही इनकी आवश्यकताओं की भी जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने कहा कि बतौर शिक्षा मंत्री कौशल शिक्षा उपलब्ध कराना मुख्य एजेंडा है. उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में बेहतर स्कूली शिक्षा की नींव डाली. अब दूसरे कार्यकाल में कौशल और उद्यमिता विकास उनका एजेंडा है.

पमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में देश और दुनिया के सामने एक मॉडल पेश किया है. अब कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए दिल्ली और देश को आर्थिक मंदी से निकालने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. दिल्ली सरकार (Government) ने वर्ष 2019 में दिल्ली स्कील एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी डीएसईयू की स्थापना के लिए विधेयक पारित किया था. उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के उद्देश्य से वह इन दिनों विभिन्न तकनीकी संस्थाओं का दौरा कर रहे है. जिसके तहत गुरुवार (Thursday) को उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कालाकाजी विधायक आतिशी के साथ हरिनगर और तिलकनगर स्थित आइटीआइ के दौरा किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि इन्हें विश्वस्तरीय गुणवत्ता वाले संस्थान के बतौर विकसित किया जाएगा.

सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार (Government) ने स्कूली शिक्षा की तरह स्कील सेक्टर में भी बड़े कदमों की तैयारी कर ली है. जल्द की इसका परिणाम दिखने लगेगा. उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना महामारी (Epidemic) के कारण आर्थिक संकट के आलोक में देश को विकास की दिशा में ले जाने के जिस कौशल और उद्यमिता की जरूरत है, उसे पूरा करने के लिए दिल्ली संकल्पबद्ध है. इसके तहत कौशल प्रशिक्षण के साथ ही उद्यमिता के भी अवसर दिए जाएंगे. साथ ही, औद्योगिक संस्थाओं का भरोसा जीतते हुए सभी प्रशिक्षुओं के लिए बेहतर प्लेसमेंट तथा आकर्षक सैलरी भी लक्ष्य है. जिन स्टूडेंट्स को जरूरत होगी, उनकी वोकेशनल एजुकेशन के लिए वित्तीय सहायता और स्काॅलरशिप का भी उपाय किया जाएगा.