Monday , 10 May 2021

राजस्थान में इन दिनों बहुत ऊंची उड़ रही है भ्रष्टाचार की पतंग


कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने सीएम को लिखे पत्र में उठाए सवाल

कोटा . पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस विधायक भरत सिंह ने सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को पत्र लिखकर कहा है कि राजस्थान (Rajasthan)में भ्रष्टाचार की पतंग बहुत ऊंची उड़ रही है. इसे ना तो देसी और ना ही चाइनीज मांझा काट सकता है. उन्होंने गहलोत सरकार को सलाह दी है कि वह रिश्वत लेते हुये पकड़े गये भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त करे और गृहक्षेत्र में उनके पोस्टर चस्पा करवाये.

सिंह ने पत्र में कहा कि कोरोना से बचाव के लिए देश में वैक्सीन मौजूद है, लेकिन भ्रष्टाचार का कोई भी वैक्सीन नहीं है. अगर भ्रष्टाचार की कोई वैक्सीन बन सकती है तो वह है भ्रष्टाचार के मामले में एसीबी के द्वारा गिरफ्तार किए गए भ्रष्ट अधिकारियों को गिरफ्तार होते ही सेवा से बर्खास्त कर देना चाहिये. उन्होंने सरकार से यह भी मांग की है कि भ्रष्ट अधिकारियों के पोस्टर शासन सचिवालय समेत उनके गांव, कस्बे व नगर में चौक-चौराहे पर लगाये जाएं.

सांगोद विधायक भरत सिंह ने कहा कि कोटा में एसपी रहते हुए आईपीएस सत्यवीर सिंह एसीबी के हत्थे चढ़े थे. उन्हें रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में अभी भी ट्रायल कोर्ट में चल रही है. सिंह ने लिखा है कि बीजेपी शासन में सिंह को एसपी से डीआईजी बनाया गया, लेकिन कांग्रेस के शासन में तो उनको आईजी बना दिया गया. उसके बाद उदयपुर (Udaipur) संभाग की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. यह शर्मनाक घटना है. सिंह ने पत्र में लिखा कि कहा कि निलंबित आईएएस अधिकारी बारां के पूर्व कलेक्टर (Collector) इंद्र सिंह राव भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद है.

भ्रष्ट अधिकारी में कोई शर्म नहीं है. उन्हें कोई डर भी नहीं है. सिंह ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि सरकार पकड़े गये अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति जारी नहीं करती है. भ्रष्टाचारियों को सरकार माफ कर देती है. भरत सिंह ने इस पत्र में दौसा उपखंड अधिकारी पुष्कर मित्तल और बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने के मामले का भी जिक्र किया है.

 

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