Friday , 25 June 2021

सरकार के सायरन बजाने पर बोले कमलनाथ

भोपाल (Bhopal) . कोरोना गाइडलाइंस का पालन करने को लेकर लोगों से मास्क पहनने की अपील की जा रही है. मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने इसके लिए प्रदेशभर में 2 मिनट तक सायरन बजाने का आदेश दिया है. राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस, इस आदेश को लेकर हमला कर रही है. एमपी में कोरोना (Corona virus) के बढ़ते संक्रमण के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार के इस आदेश को नौटंकी करार दिया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा है कि भाजपा सिर्फ नौटंकी करती है, जनता इससे थक चुकी है. उन्होंने सवाल किया कि क्या थाली पीटने या

सायरन बजाने से कोरोना दूर होगा?

कोरोना जागरूकता को लेकर सायरन बजाने के आदेश पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि यह तो सिर्फ भाजपा की नाटक-नौटंकी है. कभी थाली बजाओ तो कभी सायरन बजाओ तो कभी चिल्लाओ…, इस नाटक-नौटंकी से जनता थकी हुई है. मध्य प्रदेश की जनता बहुत समझदार है, लेकिन क्या इस नौटंकी से कोविड दूर होगा? लोगों में प्रेरणा आए कि लोग मास्क पहनें, सावधानी बरतें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, तभी कुछ होगा. थाली और सायरन बजाने से कोरोना नहीं जाने वाला है.

हर चीज में सेलिब्रेशन करती है भाजपा

कांग्रेस सरकार गिरने और बीजेपी शासन के एक साल पूरे होने पर कमलनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी तो किसी भी चीज में सेलिब्रेशन करती है. उनको बस नाटक-नौटंकी से मतलब है कि जनता का ध्यान किस तरह से मोड़ा जाए. किस तरह जनता को गुमराह किया जाए. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में एक साल पहले कांग्रेस की 15 महीने की कमलनाथ सरकार सत्ता से बेदखल हुई थी. भारतीय जनता पार्टी से शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद की शपथ ली थी.

ग्वालियर (Gwalior) हादसे पर पूर्व सीएम ने जताया दुख

ग्वालियर (Gwalior) में हुए भीषण सड़क हादसे पर पूर्व सीएम कमलनाथ ने दुख जताया. पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि हादसे की पूरी जांच होनी चाहिए. जो भी दोषी है उन पर कड़ी कार्रवाई हो. मृतकों के परिजनों को सरकार सही मुआवजा दे. घायलों को इलाज मुहैया कराया जाए. मैं सभी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.

भाजपा का शहीदों से नहीं रहा संबंध

हबीबगंज नाके पर कमलनाथ ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हमने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की है. कांग्रेस के साथ सभी सही जुड़े हुए थे. भाजपा का संबंध कभी भी शहीदों से नहीं रहा है. भाजपा जब राष्ट्रवाद की बात करती है, तो यह तो एक मजाक लगता है. ऐसी पार्टी जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का नाम ना ले पाए, यही उसका इतिहास है.

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