Monday , 19 April 2021

मंत्रालय पहुँची चिटफंड कंपनियों की जानकारी

जबलपुर, 31 दिसंबर . मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के चिटफंड कंपनियों से कितनी वसूली हुई इसका जबाव स्वयं मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान 4 जनवरी को कलेक्टर (Collector) से मांगेंगे मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने चिटफंड कंपनियों पर शिकंजा कसने के निर्देश कलेक्टर (Collector) और संभागायुक्त को दिये थे. एसपी को यही निर्देश दिया गया था. जबलपुर (Jabalpur)से मंत्रालय ने की गई कार्रवाई और जब्त की रकम का ब्योरा तलब किया है.

जबलपुर (Jabalpur)कलेक्टर (Collector) कार्यालय से मंत्रालय पहुंची जानकारी के मुताबिक जिले में पिछले 6 साल में हजारों बेरोजगारों से 11 करोड़ रुपए की ठगी हो चुकी है. इसमें से एक जबलपुर (Jabalpur)बुक पब्लिकेशन नाम से चिटफंड कंपनी खोलकर जालसाजों ने जिले के 20 हजार से ज्यादा बेरोजगारों को पांच करोड़ रुपए से ज्यादा का चूना लगा दिया है. संभाग में चिटफंड कंपनियों का जाल कितना बड़ा है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि केवल जबलपुर (Jabalpur)में पुलिस (Police) ने फर्जी तरीके से कारोबार करने वाली 30 कंपनियों की जानकारी जुटाई है.

किसान सबसे आसान शिकार……….

गौरतलब है कि चिटफंड कंपनियों के एजेंट ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय हैं. जो किसानों को आसानी से अपने जाल में फांस लेते है. जिले में 11 करोड़ की ठगी का पता लगने के मामलों में यह सामने आया है कि ठगों ने ज्यादातर शिकार गांव के लोगों को ही बनाया है.

ठगे जाने वालों में महिलाएं भी शामिल………..

चिटफँड कंपनियों द्वारा ठगी गई 11 करोड़ की रकम में महिलायें भी शिकार बनी हैं. जबलपुर (Jabalpur)बुक पब्लिकेशन में अनेक महिलाओं का पैसा डूबा है.

रिकवरी का पता नहीं…………..

मंत्रालय तह यह जानकारी तो पहुंची है कि पिछले 6 साल के दौरान चिट फंड कंंपनियों ने लोगों से 11 करोड़ ठगे हैं पर यह जानकारी नहीं भेजी गई है कि चिटफंड कंपनियों से रकम कितनी रिकवर की गई है.

Please share this news