Friday , 14 May 2021

मुंबई में दौड़ेगी बिना मोटरमैन वाली स्वदेशी मेट्रो, अगले सप्ताह पहुंचेगी मुंबई


महाराष्ट्र (Maharashtra) के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने बैंगलोर में किया निरिक्षण

मुंबई (Mumbai) , . लाखों मुंबई (Mumbai) करों की प्रतीक्षा में मेट्रो 2 ए और 7 मार्ग पर पहली स्वदेश निर्मित मेट्रो ट्रेन (रोलिंग स्टॉक) का निर्माण पूरा हो चुका है. पहली मेट्रो ट्रेन 22 जनवरी को बैंगलोर से मुंबई (Mumbai) के लिए रवाना होगी. करीब सात साल बाद मुंबई (Mumbai) नए मेट्रो के स्वागत के लिए तैयार है और मुंबई (Mumbai) कर इसके ‘पहले लुक’ को लेकर उत्सुक हैं. महाराष्ट्र (Maharashtra) के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार (Tuesday) को बैंगलोर में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) परियोजना का दौरा किया और मेट्रो ट्रेन और इसके निर्माण कार्य का निरीक्षण किया.

शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे को एमएमआरडीए सिस्टम विभाग के निदेशक राजीव अग्रवाल, बीईएमएल के सीएमडी डॉ.दीपक कुमार बनर्जी, निदेशक डॉक्टर (doctor) होटा, रेल और मेट्रो विभाग के डायरेक्टर दीपक कुमार बनर्जी, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के सीजीएम सुमित भटनागर, सीजीएम ने मेट्रो निर्माण पर विस्तृत जानकारी दी. एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई (Mumbai) में आते ही इस मेट्रो ट्रेन का विधिवत परीक्षण किया जाएगा. उसके बाद, मई 2021 से यात्री सेवा में मेट्रो शुरू करने की योजना है. गौरतलब हो कि वर्ष 2014 में, मुंबई (Mumbai) में पहली मेट्रो घाटकोपर से अंधेरी मार्ग पर शुरू की गई थी. सात साल बाद, दहिसर से डी.एन नगर (दो ए) और अंधेरी पूर्व से दहिसर (सात) मार्गों पर यात्री सेवाएं संचालित की जा रही है. एमएमआरडीए के माध्यम से किये जा रहे मेट्रो लाइनों और स्टेशनों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है. इस मार्ग पर चलने वाली मेट्रो ट्रेन का निर्माण बीईएमएल को सौंपा गया है और यह मुंबई (Mumbai) में अब आने के लिए तैयार होने वाली पहली स्वदेशी मेट्रो ट्रेन है.

चालक रहित मेट्रो

इस मेट्रो लाइन पर प्रत्येक मेट्रो ट्रेन की अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा होगी. सबसे महत्वपूर्ण बात, इस मेट्रो में एक भी मोटरमैन नहीं होगा. ड्राइवरलेस (अनअटेंडेड ट्रेन ऑपरेशन) मेट्रो अपने आप चलेगी. लेकिन, यात्रियों (Passengers) को असुरक्षित महसूस नहीं करने के लिए, ये ट्रेनें शुरुआत में मोटरमैन के साथ चलेंगी. उसके बाद, उनकी कॉमिंग और गोइंग अपने आप शुरू हो जाएगी. इस प्रणाली में अप-टू-डेट तकनीक की एक विस्तृत श्रृंखला है जिसमें गति नियंत्रण और सुरक्षा के लिए वैरिएबल वोल्टेज चर आवृत्ति (वीवीवीएफ), ट्रेन नियंत्रण और प्रबंधन प्रणाली शामिल है. इंटरनेट उपयोग के लिए प्रत्येक डिब्बे में एक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क भी है. इन कोचों का डिज़ाइन ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता देता है और वैकल्पिक गैर-पारंपरिक ऊर्जा का उपयोग बिजली की निकासी के मामले में किया जाएगा.

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