Monday , 19 October 2020

भारतीय-अमेरिकी कर सकते हैं ट्रंप को वोट, सर्वे में बताए ये 12 कारण

वॉशिंगटन . भारतीय-अमेरिकी 12 कारणों से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थन में आगे आ रहे हैं, जिनमें से एक कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मित्रता है. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में जल्द होने वाले हैं. इससे पूर्व कराए गए सर्वे में यह दावा ‎किया गया है. ट्रम्प के चुनाव प्रचार अभियान में लगे एक दल द्वारा यह सर्वेक्षण किया गया है. ‘ट्रम्प विक्ट्री इंडियन अमेरिकन फाइनेंस कमेटी’ के सह अध्यक्ष अल मैसन और उनके दल के सर्वेक्षण के अनुसार देश के पूर्व राष्ट्रपतियों और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन के विपरीत ट्रम्प प्रशासन भारत के आंतरिक मामलों, खासकर कश्मीर जैसे मामलों से दूर रहा है. इसके अलावा वैश्विक मंच पर भारत का दर्जा ऊंचा करने में ‘‘ट्रम्प की स्पष्ट भूमिका’’ एक अन्य अहम कारण है.

सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘‘यह मुख्य रूप से ट्रम्प-मोदी फैक्टर के बारे में है.’’ इसमें कहा गया है कि भारतीय-अमेरिकियों का काफी हद तक यह मानना है कि आगामी चार साल में मोदी और ट्रम्प के मिलकर काम करने से वैश्विक मंच पर चीन को रोकने में मदद मिलेगी.सर्वेक्षण में कहा गया है कि संभावित भारतीय अमेरिकी मतदाताओं में से 50 प्रतिशत मतदाता ट्रम्प के पक्ष में मतदान करेंगे. सर्वेक्षण में कहा गया है कि इनके अलावा, चीन के खिलाफ ट्रम्प के कड़े रवैये, ‘‘देश को युद्ध की स्थिति में ले जाने के बजाए शांति कायम करने की कोशिश करने’’, कोविड-19 (Covid-19) से पहले ‘‘अमेरिका का आर्थिक पुनरुद्धार और वैश्विक महामारी (Epidemic) से उचित तरीके से निपटने’’ आदि के कारण भारतीय-अमेरिकी ट्रम्प की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

इसमें कहा गया है, ‘‘ट्रम्प ने वैश्विक मंच पर भारत का दर्जा बढ़ाया है. निस्संदेह, इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका को लेकर दक्ष नीति को जाता है. भारत और अमेरिका के संबंध मजबूत हैं. भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों का श्रेय ट्रम्प और मोदी को जाता है.’’ सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘‘भारत में हर भारतीय-अमेरिकी के माता-पिता, भाई, बहन, मित्र हैं या कोई कारोबार है. वे चाहते हैं कि भारत का सम्मान हो और उसकी चीन से रक्षा हो. ट्रम्प ऐसा कर सकते हैं. उन्हें डर है कि ट्रम्प की गैरमौजूदगी में, चीन भारत के साथ युद्ध शुरू कर सकता है.’’