Tuesday , 15 June 2021

कोरोना के नए मामलों में चार महीने पुरानी स्थिति में लौटा भारत


नई दिल्ली (New Delhi) . कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में नए सिरे से पाबंदियां लगा दी गई हैं. पंजाब (Punjab) में जहां सभी शैक्षणिक संस्थान 31 मार्च तक बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं. वहीं, महाराष्ट्र (Maharashtra) में मॉल और सिनेमाघरों में आगंतुकों की संख्या सीमित करने का फैसला लिया गया है तो गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) में नाइट कर्फ्यू की अवधि एक घंटा बढ़ा दी गई है. साथ ही मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल (Bhopal) और जबलपुर (Jabalpur)में वीकेंड पर लॉकडाउन (Lockdown) लगाने और 31 मार्च तक स्कूल-कॉलेज बंद करने का फैसला किया गया है.

पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार (Friday) को आदेश दिया कि राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 31 मार्च तक बंद रखे जाएं. उन्होंने लोगों से अगले दो हफ्तों तक सभी सामाजिक गतिविधियां घरों तक सीमित रखने की अपील भी की. मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने घरों में दस से ज्यादा मेहमानों को नहीं जुटाने का आग्रह किया. उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमाघर फिलहाल 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित किए जाएंगे. वहीं, मॉल में एक बार में सौ से अधिक लोग नहीं मौजूद रहें. पंजाब (Punjab) में महामारी (Epidemic) से सर्वाधिक प्रभावित 11 जिलों में रविवार (Sunday) से सभी सामाजिक आयोजनों पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है. इनमें अंतिम संस्कार और विवाह समारोह शामिल नहीं है.

हालांकि, दोनों आयोजनों में केवल 20 लोग हिस्सा ले सकेंगे. इन जिलों में रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा. अमरिंदर ने रविवार (Sunday) को सभी सिनेमाघर, मल्टीप्लेक्स, होटल, रेस्तरां, मॉल आदि बंद रखने का आदेश दिया है. हालांकि, होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध रहेगी. महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार ने शुक्रवार (Friday) को थिएटर और सभागारों में आने वाले लोगों की संख्या सीमित रखने का निर्देश दिया. ये प्रतिष्ठान 31 मार्च तक 50 फीसदी क्षमता के साथ ही संचालित हो सकेंगे. सभागारों का इस्तेमाल धार्मिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक बैठकों के लिए नहीं हो पाएगा.

वहीं, निजी दफ्तरों को भी सिर्फ 50 फीसदी क्षमता के साथ कार्य करने की मंजूरी दी गई है. हालांकि, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवा वाले कार्यालयों को इस नियम में छूट दी गई है. सरकारी और अर्धसरकारी कार्यालयों के मामले में कहा गया है कि कार्यालय के प्रमुख कर्मचारियों की मौजूदगी के संबंध में निर्णय लेंगे. कोविड-19 (Covid-19) से जुड़े एहतियाती उपायों का पालन सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी होगा.

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