Friday , 7 May 2021

भीषण शीतलहर की चपेट में कश्मीर, पारा शून्य से 7.6 डिग्री नीचे, डल झील जमी

श्रीनगर (Srinagar) . कश्मीर इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में है, जबकि पूरी घाटी में पारा शुक्रवार (Friday) को शून्य से कई डिग्री नीचे गिर गया है. भीषण सर्दी की वजर से डल झील और अन्य जलाशयों में पानी जम गया है. मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने बताया कि श्रीनगर (Srinagar) का न्यूनतम तापमान शून्य से 7.6 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है, जो इस मौसम के न्यूनतम तापमान से पांच डिग्री कम है.

श्रीनगर (Srinagar) में गुरूवार को न्यूनतम तापमान शून्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था, जो 1991 के बाद सबसे कम तापमान था. श्रीनगर (Srinagar) में 1995 में तापमान शून्य से 8.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था, जबकि 1991 में शून्य से 11.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया था. श्रीनगर (Srinagar) में अब तक का सबसे कम तापमान 1893 में शून्य से 14.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था. घाटी के बाकी हिस्सों में भी ठंड बढ़ रही है.

पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि उसकी पिछली रात तापमान शून्य से 11.1 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा था. गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि कोकेरनाग में शून्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है.
भीषण ठंड के कारण डल झील में पानी जम गया है और अधिकारियों ने बर्फ पर चलने के खिलाफ एक परामर्श जारी किया है.

एसडीआरएफ और पुलिस (Police) लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जमे हुए जलाशयों के आसपास गश्त कर रही है. शुक्रवार (Friday) सुबह शहर के कई हिस्सों में घना कोहरा भी छाया रहा. न्यूनतम तापमान में गिरावट से जल आपूर्ति वाले पाइपों में पानी जमने लगा है. शहर में और घाटी के कई इलाकों में सड़कों पर बर्फ की मोटी परत बिछ गई है, जिससे लोगों को गाड़ी चलाने में मुश्किल आ रही है. कश्मीर वर्तमान में 40 दिनों तक चलने वाली भयंकर ठंड वाली अवधि ‘चिल्लई कलां’ की चपेट में है.

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