Tuesday , 22 September 2020

चिराग के हर फैसले के साथ खड़ा हूं, वह युवा सोच के साथ पार्टी व राज्य को ऊंचाई पर ले जाएगा : पासवान


नई दिल्ली (New Delhi) . बिहार (Bihar)में विधानसभा चुनाव से पहले बिछाई जा रही सियासती बिसातों के बीच केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उनको अपने पुत्र और लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का हर फैसला मंजूर है. अस्पताल में भर्ती राम विलास पासवान ने शुक्रवार (Friday) को ट्वीट किया, मुझे विश्वास है कि अपनी युवा सोच और उत्साह से चिराग अपनी पार्टी लोजपा व बिहार (Bihar)राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.

उन्होंने कहा कि वह चिराग के हर फैसले के साथ मजबूती से खड़े हैं. मुझे आशा है कि मैं पूर्ण स्वस्थ होकर जल्द ही अपनों के बीच आऊंगा. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का घटक लोजपा का अन्य घटक दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से मतभेद को लेकर बिहार (Bihar)में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी अटकलें तेज हो गई हैं. राजग कुनबे में कलह से लोजपा के अलग राह चलने के कयास लगाए जा रहे हैं.

बिहार (Bihar)में राजग को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की अगुवाई में महागठबंधन से मुख्य चुनौती है. कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा है. ऐसे में लोजपा संस्थापक और पार्टी के संरक्षक राम विलास पासवान का यह बयान काफी अहमियत रखता है. हाल ही में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) और बिहार (Bihar)के प्रभारी रह चुके कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राम विलास पासवान और लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान को पुराने घर में वापस आने का न्योता दिया है.

राम विलास पासवान ने एक अन्य ट्वीट में कहा, कोरोना संकट के समय खाद्य मंत्री के रूप में निरंतर अपनी सेवा देश को दी और हर संभव प्रयास किया कि सभी जगह खाद्य सामग्री समय पर पहुंच सके. इसी दौरान तबीयत खराब होने लगी लेकिन काम में कोई ढिलाई नहीं हो इस वजह से अस्पताल नहीं गया. मेरी खराब तबीयत का एहसास जब चिराग को हुआ तो उसके कहने पर मैं अस्पताल गया और अपना इलाज करवाने लगा.

उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि इस समय मेरा बेटा चिराग मेरे साथ है और मेरी हर संभव सेवा कर रहा है. मेरा खयाल रखने के साथ साथ पार्टी के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है. मुझे आशा है कि मैं पूर्ण स्वस्थ होकर जल्द ही अपनों के बीच आऊँगा. बिहार (Bihar)की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है जिससे पहले विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.