Wednesday , 30 September 2020

वनरक्षकों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को मिलेगी प्राथमिकता, नियमों में होगा बदलाव


-स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की 11 वीं बैठक में सीएम गहलोत ने अफसरों को दिए कई निर्देश

जयपुर (jaipur) . मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने वाइल्ड लाइफ डिविजन का अलग से कैडर बनाने और वनरक्षकों की भर्ती में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दिये जाने की पैरवी की है. इसके लिये सीएम ने भर्ती नियमों में बदलाव के बारे में परीक्षण करने के भी निर्देश दे दिए हैं. वनरक्षकों की भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलने से टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों के आसपास के गांवों के युवाओं को रोजगार के ज्यादा अवसर मिल सकेंगे.

सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की अध्यक्षता में हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की 11 वीं बैठक में कई और भी फैसले किए गये हैं. बैठक में सीएम ने टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों से ली जाने वाली इको डवलपमेंट सरचार्ज राशि को इन रिजर्व और आसपास के गांवों के विकास पर खर्च करने की मांग का परीक्षण करके उचित रास्ता निकालने के निर्देश भी दिए हैं. सीएम ने कहा कि स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक साल में कम से कम दो बार होनी चाहिये ताकि सदस्यों और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर वनों के विकास तथा वन्य जीव संरक्षण के लिए उचित कदम उठाए जा सकें.

सीएम ने तीनों बाघ परियोजनाओं के प्रबंधन और मॉनिटरिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए सांभर लेक सहित प्रदेश के वन क्षेत्रों में तेजी से फैल रहे जूलीफ्लोरा (विलायती बबूल) के प्रभावी उन्मूलन पर जोर दिया है. सीएम ने पिछले साल सांभर झील में प्रवासी पक्षियों की मृत्यु पर चिंता जताते हुए स्टेट वाइल्ड लाइफ ऑथोरिटी को योजनाबद्ध तरीके से ठोस कदम उठाने को भी कहा है.