Wednesday , 23 June 2021

हाेलाष्टक 22 से, 28 काे शाम 6:50 से 9:13 बजे तक होलिका का दहन, होलाष्टक में शुभ कार्य नहीं

आगामी 28 मार्च काे सर्वार्थ सिद्धि व अमृत सिद्धि याेग में गोधूलि वेला में हाेलिका दहन हाेगा. अगले दिन धुलंडी है. लाेग रंग-गुलाल से हाेली खेलेंगे. इसी दिन से गणगाैर पूजा भी शुरू हाे जाएगी. 22 से 28 मार्च तक हाेलाष्टक हैं. इस दाैरान मांगलिक कार्यक्रम वर्जित माने गए, लेकिन पूजा-पाठ पर राेक नहीं हाेगी. फाल्गुन मास की पूर्णिमा 27 मार्च की रात 3.26 बजे से 28 मार्च की रात 12.17 बजे तक है.

शास्त्राें के अनुसार शुभ कार्य के लिए सूर्याेदय की तिथि मान्य हाेती है, इसलिए 28 मार्च काे गोधूलि वेला में हाेलिका दहन हाेगा. 28 मार्च सुबह 6.37 बजे से 29 मार्च सुबह 6.36 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि याेग है. 28 मार्च काे शाम 5.35 से 29 मार्च सुबह 6.36 बजे तक अमृत सिद्धि याेग है. हाेलिका दहन का समय शाम 6.50 से रात 9.13 बजे तक है. 27 मार्च रात 3.26 से 28 मार्च दाेपहर 1.51 बजे तक कन्या की पाताल में भद्रा है. 28 मार्च काे शाम 5.13 से 6.45 बजे तक राहुकाल है. भद्रा में हाेलिका दहन व राखी बांधना मना है. 28 मार्च काे हाेली वाले दिन गुरु व शनि मकर राशि में हाेंगे. गुरु 6 अप्रैल तक और शनि 31 दिसंबर तक इसी राशि में रहेगा.

मकर शनि की स्वयं की राशि है. शुक्र सूर्य के साथ मीन राशि में जबकि बुध कुंभ राशि में हाेगा. हाेली के अगले दिन धुलंडी से गणगाैर पूजा शुरू हाे जाएगी. 15 अप्रैल काे गणगाैर पूजा का समापन हाेगा.  शीतला सप्तमी 3 अप्रैल काे मनाएंगे. एक दिन पूर्व दाे अप्रैल काे घराें में रांधा पाेवा हाेगा. दाे अप्रैल काे मध्यरात्रि से शीतला माता की पूजा शुरू हाे जाएगी और अगले दिन 3 अप्रैल काे रंग व गुलाल से हाेली खेली जाएगी. 6 अप्रैल काे दशामाता पर्व मनाया जाएगा.

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