Friday , 16 April 2021

परिवहन विभाग में अधिकारियों पर भारी प्रधान आरक्षक अंसारी चार चेकपोस्टों पर हो रही है जमकर उगाही

ग्वालियर (Gwalior) .मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) परिवहन विभाग में इन दिनों अधिकारीयों पर कर्मचारी भारी पड़ रहे हैं जिसके चलते ”सैंया भये कोतवाल अब डर काहे का ÓÓ कहावत चरितार्थ हो रही है, इसकी बानगी देखनी हो तो मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) परिवहन विभाग के प्रधान आरक्षक सगीर अहमद अंसारी की हुई नियुक्ति को देखा जा सकता है. प्रधान आरक्षक सगीर अहमद अंसारी का चांदी (Silver) के जूते में इतनी ताकत है कि वह परिवहन महकमें में इन दिनों चार चैकपोस्ट पर एक साथ अपने दायित्व निभाने के काबिल समझे जा रहे हैं, हालांकि इसके उलट तमाम कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी को परिवहन महकमें के मुख्यालय में नियुक्ति करके तथाकथित मात्र अर्दली बनाकर छोड़ दिया गया है.

सूत्र बतलाते हैं कि मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) परिवहन महकमें में प्रधान आरक्षक पद पर नियुक्त सगीर अहमद अंसारी पर इन दिनों नोट प्रकाश की नजरें विशेष इनायत है, यही वजह है कि प्रधान आरक्षक सगीर अहमद अंसारी चार चैकपोस्ट पर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं. सूत्रों की माने तो प्रधान आरक्षक सगीर अहमद अंसारी ने चांदी (Silver) के जूतों के दम पर मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) परिवहन महकमें के अन्य अधिकारी-कर्मचारी को पीछे छोड़कर चार-चार चैकपोस्टों पर अपना वर्चस्व जमा लिया है विभागीय दायित्वों के निर्वहन के लिये.

सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) परिवहन महकमें द्वारा स्थापित चेकपोस्ट बोनकट्टा, सालेटेकरी पर नियुक्त हिमांशु जैन तथा खरई पड़ोरा पर जयदीप पुंगलिया रस्मअदायगी के लिये मात्र दिखावे के लिये कार्यकर रहे हैं जब कि प्रधान आरक्षक सगीर अहमद अंसारी पहाड़ीबंधा और लोंडी के साथ ही खरई पड़ोरा, बोनकट्टा एवं सालेटेकरी को भी अपने हिसाब से चला रहे हैं.

यानि सपाट शब्दों कहा जाये तो उपरोक्त सभी चेकपोस्टों पर प्रधान आरक्षक सगीर अहमद अंसारी के मौखिक फरमान को ही अमलीजामा पहनाया जाता है ताकि अंसारी द्वाराचांदी (Silver) के जूतों का वजन अवैद वसूली करके बढ़ायाजा सके और भविष्य में मनमुआफिक चेकपोस्ट को उगाहीे के लिये हासिल किया जा सके.

सूत्र बतलाते हैं कि पहाड़ीबंधा, लोंडी, खरई पड़ोरा, बोनकट्टा एवं सालेटेकरी चेकपोस्ट को अपने हिसाब से चला रहे प्रधान आरक्षक सगीर अहमद अंसारी मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) परिवहन महकमें द्वारा सरकारी खजाने को भरने के लिये दिये गये टारगेट को पूरा करने में कितना सफल रहते हैं यह तो भविष्य ही बतलायेगा? लेकिन सूत्र यह यकिन दिलाते हैं कि नोट प्रकाश के सानिध्य में अंसारी ने जिस तरह विभागीय नियमों में रापी घोंपकर उसे पंक्चर करने में माहिर हो चले हैं, उससे यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह इन चेकपोस्टों से गुजरने वाले चालकों से अवैध वसूली करके सरकारी वसूली को धता बतलाते हुये इसमें भले ही फिसड्डी का तमंगा हासिल कर लें लेकिन अपना व्यक्तिगत टारगेट लक्ष्य से कहीं कई गुना (guna) ज्यादा वसूल कर लेंगे ताकि भविष्य में अगर किसी और चेकपोस्ट पर नजरें पड़े तो नोटप्रकाश के सहयोग से उसका प्रभार भी चांदी (Silver) के जूते के दम पर वह हासिल कर लें.

 

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