Monday , 19 April 2021

चांदनी चौक में तोड़ा गया हनुमान मंदिर

नई दिल्ली (New Delhi) . चांदनी चौक इलाके में हनुमान मंदिर को हटाकर भले ही सड़क बना दी गई हो, पर मंदिर के किनारे मौजूद पीपल का पेड़ वहां से नहीं हटाया जाएगा. बल्कि पेड़ को लाल पत्थरों का घेरा कर सड़क पर ही सुरक्षित रखा जाएगा. इस संबंध में रूद्राक्ष फाउंडेशन के संरक्षक लव गुप्ता ने बताया कि चांदनी चौक में जितने भी पेड़ है. उसे दिल्ली हाई कोर्ट ने बनाए रखने का आदेश दिया है. इसलिए जब मंदिर को तोड़ने के लिए दो-दो जेसीबी चली तो भी पेड़ को नहीं छूआ गया. इसी तरह चांदनी चौक पुनर्विकास के रास्ते में आ रहे सभी पेड़ों को संरक्षित किया जा रहा है. वहीं, हनुमान मंदिर तोड़े जाने के बाद दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है.

दिल्ली के आप नेताओं ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने चांदनी चौक इलाके में सैकड़ों वर्ष पुराने हनुमान मंदिर को तोड़कर हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया है. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली नगर निगम के भाजपा प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि खुद को हिंदुओं का हितैषी बताने वाली भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है. वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने मंदिर तोड़ने की घटना को बड़ा अपराध बताते हुए विरोध जताया है.

उन्होंने कहा है कि भाजपा को समझना पड़ेगा कि जिन प्रभु श्रीराम के नाम पर वह अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते रहे हैं, उन्हें भी सबसे प्रिय हनुमान जी ही हैं. वहीं, आप की वरिष्ठ नेता एवं विधायक आतिशी ने भी ट्वीट के माध्यम से अपना विरोध जाहिर करते हुए लिखा है कि भाजपा शासित निगम ने चांदनी चौक में प्राचीन हनुमान मंदिर को तोड़ दिया. शायद बजरंगबली ने भाजपा के पार्षदों को रिश्वत का पैसा नहीं दिया, इसलिए उनका मंदिर नहीं बच पाया. वहीं, आप विधायक एवं दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने भी ट्वीट कर प्राचीन हनुमान मंदिर तोड़े जाने पर अपना विरोध जताया है. उन्होंने लिखा है -‘भ्रष्टाचार के नशे में चूर भाजपा की एमसीडी ने प्रभु श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी के मंदिर को भी नहीं छोड़ा. पैसा लेकर लोगों के अवैध लेंटर डलवा देते हैं, लेकिन प्रभु का मंदिर तोड़ देते हैं.

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