Sunday , 18 April 2021

छह राज्यों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट का शिलान्यास

नई दिल्‍ली . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए छह राज्‍यों में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज इंडिया के तहत लाइट हाउस प्रोजेक्ट्स का तोहफा दिया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज नए संकल्पों के साथ तेज गति से आगे बढ़ने का शुभारंभ है. ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस यानी प्रकाश स्तंभ की तरह हैं. ये 6 प्रोजेक्ट देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे.

ews-housing

पीएम मोदी ने कहा कि ये लाइट हाउस प्रोजेक्ट अब देश के काम करने के तौर-तरीकों का उत्तम उदाहरण है. हमें इसके पीछे बड़े विजन को भी समझना होगा. पीएम मोदी ने कहा कि एक समय आवास योजनाएं केंद्र सरकारों की प्राथमिकता में उतनी नहीं थी, जितनी होनी चाहिए. सरकार घर निर्माण की बारिकियों और क्वालिटी में नहीं जाती थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बहुत ही कम समय में लाखों घर बना कर दिए जा चुके हैं, लाखों घरों का निर्माण जारी भी है. पीएम ने कहा कि बीते 6 वर्षों में जो कदम उठाये गए हैं उसने एक सामान्य आदमी का, खासकर मेहनतकश मध्यमवर्गीय परिवार का यह भरोसा लौटाया है कि उसका भी अपना घर हो सकता है.

पीएम मोदी ने कहा कि देश में ही आधुनिक हाउसिंग तकनीक से जुड़ी रिसर्च और स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिए आशा इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा है. इसके माध्यम से भारत में ही 21वीं सदी के घरों के निर्माण की नई और सस्ती तकनीक विकसित की जाएगी. पीएम ने कहा कि ये प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक और इनोवेटिव प्रोसेस से बनेंगे. इसमें कंस्ट्रक्शन का समय कम होगा और गरीबों के लिए ज्यादा Affordable और कम्फ़र्टेबल घर तैयार होंगे.

पीएम ने कहा कि पिछले साल कोरोना संकट के दौरान ही एक और बड़ा कदम भी उठाया गया है ये कदम है एफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कांम्पलेक्स. इस योजना का लक्ष्य हमारे वो श्रमिक साथी हैं जो एक राज्य से दूसरे राज्य या गांव से शहर आते हैं. पीएम आवास योजना के अंतर्गत लाखों बनाए गए घर पर नजर डालें तो इनोवेशन और इंप्लीमेंटेशन दोनों पर फोकस मिलेगा.

पीएम मोदी ने कहा कि देश में ही आधुनिक हाउसिंग तकनीक से जुड़ी रिसर्च और स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिए आशा इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा है. इसके माध्यम से भारत में ही 21वीं सदी के घरों के निर्माण की नई और सस्ती तकनीक विकसित की जाएगी. उन्होंने कहा कि हर जगह एक साल में 1,000 घर बनाए जाएंगे, इसका मतलब प्रतिदिन 2.5-3 घर बनाने का औसत आएगा. अगली 26 जनवरी से पहले इस काम में सफलता पाने का इरादा है.

इस मौके पर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आवास की इस योजना में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के शहरी क्षेत्र में सबके लिए अब तक 17 लाख से अधिक परिवारों को आवास दिया गया है. इसमें से 6,15,000 आवास पूर्ण होकर सभी गरीब परिवारों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (Friday) सुबह राज्यों में लाइट हाउस प्रोजेक्ट’ (एलएचपी) का शिलान्यास किया. बता दें कि एलएचपी के तहत केंद्र सरकार (Central Government)छह शहरों- इंदौर, चेन्नै, रांची, अगरतला (Agartala), लखनऊ (Lucknow) और राजकोट (Rajkot) में 1,000-1000 से अधिक मकानों का निर्माण करेगी.

दरअसल हरित निर्माण तकनीक का उपयोग कर शहरी गरीबों को छत मुहैया करने संबंधी एलएचपी प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए मकान बनाए जा रहे हैं. इसके तहत शहरी गरीबों (ईडब्ल्यूएस) को सिर्फ पौने पांच लाख रुपये में 415 वर्ग फीट के फ्लैट सौंपे जाएंगे.

इतने रुपये होगी घर की कीमत

जानकारी के मुताबिक, घरों की कीमत 12.59 लाख रुपये है, जिसमें केंद्र और प्रदेश सरकार की तरफ से 7.83 लाख रुपये अनुदान के तौर पर दिए जाएंगे. बाकी 4.76 लाख रुपये लाभार्थियों को देने होंगे. फ्लैट का आवंटन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अनुसार होगा.


Please share this news