Wednesday , 30 September 2020

उप्र के पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत


लखनऊ (Lucknow) . दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को शुक्रवार (Friday) को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ (Lucknow) बेंच ने अंतरिम जमानत दे दी.किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कोरोना संक्रमण का हवाला देकर जमानत की याचिका लगाई थी. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ (Lucknow) बेंच के जस्टिस वेद प्रकाश वैश्य ने जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए 2 महीने की अंतरिम बेल मंजूर की है.

प्रजापति को कोर्ट ने पांच लाख रुपया के पर्सनल बांड तथा दो जमानतदारों की शर्त के साथ जमानत दी है. कोर्ट ने सुनवाई के बाद दो महीने की अंतरिम जमानत की मंजूरी दी है. कोर्ट की शर्त है कि वह अंतरिम जमानत के दौरान देश छोड़कर बाहर नहीं जाएंगे.

कोर्ट से गायत्री के वकील एस.के. सिंह ने अस्पातल की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा कि इसमें साफ लिखा है कि केजीएमूय में मरीजों को कोरोना का खतरा अधिक है. इस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकारी वकील को पूरी स्थिति साफ करने का आदेश दे दिया.

गायत्री प्रजापति की पहली जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी. इसके बाद भी उन्होंने अर्जी देकर कहा कि वह गंभीर रोग से पीड़ित हैं. लिहाजा इलाज कराने के लिए जमानत दी जाए. कोर्ट के ही आदेश पर प्रजापति का केजीएमयू में इलाज हो रहा है. अब इस बार प्रजापति ने दलील दी है कि केजीएमयू के जिस विभाग में वह भर्ती है वहां उसे कोरोनावायरस से संक्रमण का खतरा है, क्योंकि यह वार्ड कोरोना वार्ड के नजदीक है.