Friday , 14 May 2021

पंजाब में पहली बार अकेले स्‍थानीय निकाय चुनाव लड़ेगी बीजेपी, कृषि कानूनों को बनाएगी मुद्दा

नई दिल्‍ली . केंद्र सरकार (Central Government)की ओर से लाए गए कृषि काननों का किसान 50 से अधिक दिनों से विरोध कर रहे हैं. इनमें बड़ी संख्‍या पंजाब (Punjab) के किसानों की है. उनकी मांग है कि सरकार न कृषि कानूनों को वापस ले. दूसरी ओर बीजेपी इन कानूनों को किसान हितैषी बताती है.

उसका यह भी दावा है कि बड़ी संख्‍या में किसान इन कृषि कानूनों के समर्थन में हैं. इन सबके बीच पंजाब (Punjab) में फरवरी में स्‍थानीय निकाय चुनाव होने हैं. कृषि कानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल पहले ही बीजेपी से नाता तोड़ चुका है. ऐसे में अब बीजेपी इन चुनाव में सभी सीटों पर पहली बार अकेले चुनाव लड़ेगी. बीजेपी का कहना है कि वह इन चुनाव में किसानों को कृषि कानूनों के फायदे भी बताएगी.

पंजाब (Punjab) में 13 फरवरी को 8 नगर निगम और 109 नगर परिषद व नगर पंचायत की सीटों पर चुनाव होने हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बाबत पंजाब (Punjab) बीजेपी के प्रभारी दुष्‍यंत गौतम का कहना है कि पंजाब (Punjab) के किसानों में केंद्र सरकार (Central Government)के तीनों कृषि कानूनों को लेकर कोई नाराजगी नहीं है. वे इन्‍हें लेकर खुश हैं. कांग्रेस और अन्‍य दल मिलकर किसानों के बीच भ्रम फैला रहे हैं. गौतम का कहना है कि किसानों को यह मालूम है कि ये कानून उनके हित में हैं. इससे उनकी आय भी बढ़ेगी. इसलिए पंजाब (Punjab) के किसान बीजेपी को वोट देंगे. दुष्‍यंत गौतम का कहना है कि एक और अहम मुद्दा बीजेपी के लिए नशामुक्ति भी रहेगा. इन चुनाव में प्रचार के लिए बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता और मंत्री भी पंजाब (Punjab) जाएंगे.

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