Monday , 10 May 2021

जीडीपी की तुलना में बेहद कम टैक्स संग्रह भारत के विकास में बड़ी आर्थिक चुनौती है: सिसोदिया

नई दिल्ली (New Delhi) . उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) मनीष सिसोदिया ने आज इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद के क्षेत्रीय सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित किया. इसका विषय था : ‘2021 में सामाजिक आर्थिक उत्प्रेरक के रूप में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका.

उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) ने कहा कि अन्य विकासशील और विकसित राष्ट्रों की तुलना में जीडीपी के अनुपात में बेहद कम टैक्स संग्रह होना भारत की प्रमुख आर्थिक चुनौती है. एक राष्ट्र के रूप में विकसित होने के लिए इस पर काम करने की जरूरत है. इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (सीए) काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण की दीर्घकालिक प्रक्रिया में टैक्स की अहम भूमिका होती है. व्यवसायी समुदाय और पेशेवर लोग वित्तीय सलाह के लिए सीए पर ही भरोसा करते हैं. इसलिए हमें अपने दीर्घकालिक आर्थिक लक्ष्यों में सीए समुदाय को शामिल करना काफी महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि हम ऐसे पेशेवर निकायों की मदद से युवाओं को यह विश्वास दिला सकते हैं कि व्यवसाय शुरू करना उतना मुश्किल नहीं है, जितना कि इसे समझा जाता है. हम अपने युवाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली और देश दोनों के विकास के लिए उद्योग और व्यापार संबंधी नए विचारों की आवश्यकता है. ICAI के एक घटक निकाय के बतौर NIRC द्वारा CAs को विनियमित किया जाता है. दिल्ली में लगभग 40,000 सीए हैं और लगभग 1.5 लाख छात्र (student) चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई कर रहे हैं. सम्मेलन में एनआईआरसी के सचिव अजय सिंघल, अध्यक्ष शशांक अग्रवाल और उपाध्यक्ष निहार एन जंबूसरिया उपस्थित थे.

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