Monday , 10 May 2021

कोरोना वैक्सीनेशन के लिए अपने वोटरों का डेटा शेयर करेगा चुनाव आयोग

कहा, प्रक्रिया खत्म होने के बाद डेटा को डिलीट कर दें

नई दिल्ली (New Delhi) . चुनाव आयोग कोरोना के वैक्सीनेशन ड्राइव में लाभार्थियों की पहचान करने में ‘पूरी मदद’ करने को तैयार है. सूत्रों ने शुक्रवार (Friday) को बताया कि चुनाव आयोग ने कहा कि वहां पोलिंग स्टेशन के लेवल पर वैक्सीनेशन के लिए लाभार्थियों की पहचान के लिए वोटरों का डेटा सरकार के साथ साझा करेगा, लेकिन चुनाव आयोग चाहता है कि टीकाकरण की प्रक्रिया खत्म हो जाने के बाद इस डेटा को डिलीट कर दिया जाए.

सूत्रों ने बताया कि पिछले साल 31 दिसंबर को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को लिखकर पोलिंग स्टेशन के लेवल पर 50 साल से ऊपर की उम्र के लोगों की पहचान करने में उनकी मदद मांगी थी. डेटा की सुरक्षा के मुद्दे पर गृह सचिव ने कहा कि सरकार साइबर सिक्योरिटी को सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में मौजूद सभी बेहतर तरीकों का पालन कर रही है. उन्होंने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया था कि वोटरों के डेटा को बस वैक्सीनेशन के उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.

इसके बाद चुनाव आयोग ने सोच-विचार के बाद 4 जनवरी को गृह सचिव को चिट्ठी लिखकर कहा कि वहां वैक्सीनेशन ड्राइव में ‘पूरी मदद’ देने को तैयार है. हालांकि, आयोग ने सरकार से कहा है कि इस डेटा को बस उसी काम के लिए इस्तेमाल किया जाए, जिसके लिए मांगा गया है. आयोग ने कहा है कि टीकाकरण पूरा हो जाने के बाद स्वास्थ्य प्रशासन को डेटा डिलीट कर देना होगा.

इतना ही नहीं चुनाव आयोग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी छोटे-छोटे मुद्दों के लिए गृह मंत्रालय (Home Ministry) और स्वास्थ्य मंत्रालय के नोडल ऑफिसरों के संपर्क में रहेगी. पिछले महीने स्वास्थ्य मंत्रालय और नीति आयोग के कुछ अधिकारी चुनाव आयोग के कुछ उच्च अधिकारियों से मिले थे. कोविड-19 (Covid-19) टीकाकरण अभियान के दिशानिर्देशों के मुताबिक लोकसभा (Lok Sabha) और विधानसभा चुनाव (Assembly Elections)ों की नवीनतम मतदाता सूची का इस्तेमाल 50 वर्ष से अधिक उम्र के प्राथमिकता वाली आबादी का पता लगाने में किया जाएगा. लाभार्थियों की पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पेंशन दस्तावेज सहित 12 पहचान पत्रों की जरूरत होगी.

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