Friday , 25 September 2020

आठ सौ ग्राम का हुआ नवजात शिशु को सुरक्षित बचाया


उदयपुर (Udaipur). सात माह में हुए नवजात शिशु को श्वास लेने में तकलीफ थी. मात्र आठ सौ ग्राम के हुए इस नवजात शिशु को एक महीने आईसीयू में रखकर सुरक्षित बचाया गया. इसका उपचार जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल के शिशु रोग विभाग में संभव हुआ हैं. एक माह पूर्व यहां रात में अचानक प्रसव पीड़ा होने पर प्रसूता को लाया गया था. उसके सात माह का गर्भ था, लेकिन स्थिति नाजुक होने पर इमरजेंसी (Emergency) में ऑपरेशन कर प्रसव करना पड़ा, क्योंकि यह नहीं होने पर प्रसूता की जान को खतरा हो सकता था और गर्भस्थ शिशु की भी जान को खतरा था.

प्रसूता ने सात माह के आठ सौ ग्राम वजनी शिशु को जन्म दिया. कम समय में इतने कम वजन के कारण शिशु के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हुए थे और उसे श्वास लेने में भी तकलीफ थी. इस पर शिशु को गंभीर हालत में शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अनुप पालीवाल की देखरेख में एनआईसीयू में भर्ती किया गया. पहले दिन से वेंटीलेटर पर रखते हुए शिशु को नली से दूध पिलाया गया और साथ ही सुरफाक्टेंट को फेफड़ों तक पहुंचाया गया जिससे फेफड़े विकसित हो सके और शिशु खुद के सहारे श्वसन क्रिया कर सकें. करीब बीस दिन तक इस तरह से आईसीयू में रखते हुए शिशु को धीरे-धीरे मां का दूध देना शुरू किया गया. करीब एक माह तक शिशु रोग विशेषज्ञ की देखरेख के बाद शिशु को डिस्चार्ज कर दिया गया. अब शिशु का वजन बढ़कर एक किलो दो सौ ग्राम हो गया और वह फेफड़े विकसित होने से खुद श्वास लेने लगा है.