Thursday , 13 May 2021

दक्षिण चीन सागर पर वर्चस्व के बाद ड्रैगन ने अब हिंद महासागर पर जमाई नजरें

बीजिंग . दक्षिण चीन सागर पर अपने प्रभुत्‍व जमाने के बाद चीन की नजर अब हिंद महासागर पर टिक गई है. इसका खुलासा तब हुआ, जब इंडोनेशिया की नौसेना ने हाल में चीन के एक जासूसी जहाज को अपने देश की जलसीमा के पास पकड़ा. इसके पूर्व चीन का पानी के अंदर चलने वाला एक जासूसी ड्रोन विमान इंडोनेशिया की सीमा के पास पकड़ा गया था.

चीन, इस समय भारत समेत अपने पड़ोसी मुल्‍कों की जासूसी में लगा हुआ है. चीन पिछले दो वर्षों से भारत की नाक के नीचे जासूसी करने में लिप्‍त है. खास बात यह है कि जासूसी करने के दौरान वह जहाज पर लगे निगरानी उपकरणों को बंद कर देता है, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे. आखिर हिंद महासागर में क्‍यों है चीन की दिलचस्‍पी. हिंद महासागर में चीन की सक्रियता से क्‍यों चिंतित है भारत.
चीन की सीमा से इतना दूर समुद्र के अंदर ड्रोन मिलने से यह प्रमाणित हो गया है कि चीन की सेना खुफ‍िया तरीके से दक्षिण चीन सागर से हिंद महासागर में प्रवेश के रास्‍ते की जांच कर रही है. चीन का जासूसी ड्रोन इस काम को अंजाम देने में जुटा है. यही कारण है कि पिछले दो वर्षों के दौरान यह तीसरा मौका है जब चीनी ड्रोन हिंद महासागर का दरवाजा कहे जाने वाले इंडोनेशिया के पास पकड़ा गया है. रक्षा वेबसाइट द ड्राइव की मानें तो चीन की किलर पनडुब्बियां पानी के अंदर डूबकर आसानी से हिंद महासागर तक का अपना रास्‍ता आसानी से तय कर सकती हैं.

चीन के इस जासूसी विमान का नाम शियांग यांग होंग है. यह जहाज 6 जनवरी को चीन के हैनान द्वीप के सान्‍या ठिकाने से निकला था. इस जहाज को इंडोनेशिया के कोस्‍ट गार्ड ने 11 जनवरी को सुंडा स्‍ट्रेट के पास पकडा था. महत्‍वपूर्ण स्‍ट्रेट से गुजरने वाले हर जहाज के लिए यह जरूरी है क‍ि वह अपने ऑटोमेटेड इन्‍फॉर्मेशन सिस्‍टम को चालू रखे, लेकिन चीन के जासूसी जहाज ने इन नियमों का अतिक्रमण किया. इसके पूर्व चीन का एक जासूसी विमान इंडोनेशिया की सीमा के पास पाया गया था. इंडोनेशिया के कोस्‍ट गार्ड ने जब पूछताछ की तो चीनी दल ने बहाना बनाया. चीनी दल ने कहा कि उनका सिस्‍टम खराब हो गया है. इंडोनेशियाई कोस्‍ट गार्ड ने बताया कि चीन के जहाजों ने दो बार अपने ट्रांसपोंडर को बंद किया. इसके पूर्व इंडोनेशिया के पास समुद्र के अंदर मछुआरों को चीन का एक खुफिया ड्रोन मिला था.

चीन हिंद महासागर में बहुत तेजी से अपने पैर पसार रहा है. गत वर्ष ली गई सैटेलाइट तस्‍वीरों से पता चला है कि अफ्रीका के जिबूती में चीन ने नौ सेना का अत्‍याधुनिक बेस बनाया है. इसको पहले लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए बनाया गया था, लेकिन इस ठिकाने को अब नौ सेना बेस में तब्‍दील कर दिया गया है. इस नौसेना बेस पर विमानवाहक पोत भी खड़ा हो सकता है. जिबूती स्थित चीन का नौसेना बेस हिंद महासागर में ड्रैगन की महत्‍वाकांक्षा को दर्शाता है. यह नौसेना बेस अपने आप में एक चीनी किले की तरह है. इस नौसेना अड्डे का उपयोग खुफ‍िया निगरानी के लिए करता है. यह भी दावा किया जा रहा है कि चीन हिंद महासागर में भारत के प्रभाव को कम करने के लिए इस द्वीप को विकसित कर रहा है.

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