Thursday , 13 May 2021

डॉक्टर कलाम की विरासत ने हमें स्वदेशी टीका विकसित करने के लिए प्रेरित किया: उप राष्ट्रपति


नई दिल्ली (New Delhi) . भारत के उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भारत की विकास गाथा लिखने में युवाओं से आगे रहने का आह्वान किया. वह चेन्नई (Chennai) स्थित राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की तमिल में लिखी गई जीवनी के लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे. इस पुस्तक का शीर्षक है ‘अब्दुल कलाम-निनैवूगलुक्कू मारनामिल्लई’, जिसे डॉ कलाम की भांजी डॉक्टर (doctor) एपीजेएम नजमा मरईकायर और जाने-माने अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ वाईएस राजन ने लिखा है. तमिल भाषा में इस पुस्तक की रचना के लिए लेखकों की प्रशंसा करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा मातृभाषा में पुस्तकों की रचना अधिक से अधिक संख्या में लोगों तक पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका है.

नायडू ने इसका समग्रता में लाभ उठाए जाने का आह्वान किया ताकि कृषि से लेकर विनिर्माण तक सभी क्षेत्रों में प्रगति की रफ्तार को बढ़ाया जा सके और आने वाले वर्षों में एक टिकाऊ विकास दर हासिल की जा सके. देश की 65% आबादी के 35 वर्ष से कम उम्र का और 50% आबादी के 25 वर्ष से कम उम्र का होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसा समय है जब देश के युवाओं को देश की प्रगति को और गति देने के लिए आगे खड़े होना चाहिए. नायडू ने युवाओं से डॉक्टर (doctor) कलाम की पुस्तक से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और अपने भीतर विश्वास पैदा करने को कहा. उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरी तलाश करने वालों की बजाय नौकरी देने वाला बनने के बारे में सोचना चाहिए.

उप राष्ट्रपति ने कहा कि छात्रों में जिज्ञासु प्रवृत्ति और तार्किक चिंतन की परंपरा विकसित होनी चाहिए. इस दिशा में नई शिक्षा नीति एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि इसमें अकादमिक शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सांकेतिक एकीकरण किया गया है ताकि बच्चे का समग्रता में विकास हो सके. उन्होंने कहा कि वह प्रायः विद्यालयों का दौरा करते थे और छात्रों से बात करते थे. उप राष्ट्रपतिने कहा कि उन्होंने कभी ना भुलाए जा सकने वाले अपने शब्दों, अपनी चुंबकीय उपस्थिति और एक गर्मजोशी वाली मुस्कान से हजारों छात्रों को प्रेरित किया. उप राष्ट्रपति ने कहा कि वास्तव में हमारे अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखने का श्रेय डॉ कलाम को जाता है, जिस बुनियाद पर आज हमारे वैज्ञानिक और इंजीनियर आगे बढ़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि अपने भीतर पूर्ण विश्वास की डॉक्टर (doctor) कलाम की विरासत ने हमारे वैज्ञानिकों को स्वदेशी टीका विकसित करने के लिए प्रेरित किया. यहाँ तक कि चिकित्सा उपकरणों की जहां कुछ दिन पहले तक कमी हुआ करती थी आज हम पीपीई किट्स से लेकर एन95 मास्क और वेंटिलेटर का दुनिया के दूसरे देशों को निर्यात कर रहे हैं. उप राष्ट्रपति ने कोविड-19 (Covid-19) टीका विकसित करने के लिए सरकार और वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों के लिए सराहना की. उन्होंने कहा कि इतने कम समय में वह भी इतनी सस्ती कीमत में टीका विकसित किया जाना “उल्लेखनीय उपलब्धि है”.

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