Saturday , 15 May 2021

DHFL समाधान: कर्जदाताओं ने पीरामल की बोली को चुना


नई दिल्ली (New Delhi) . ऋण संकट से जूझ रही डीएचएफएल के लिए पीरामल एंटरप्राइजेज की बोली को कर्जदाताओं द्वारा मतदान की प्रक्रिया समाप्त होने के साथ सबसे अधिक वोट मिले. सूत्रों ने बताया कि पीरामल की बोली को 94 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अमेरिका स्थित कंपनी ऑकट्री की बोली को 45 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए. मतदान गुणात्मक और मात्रात्मक सहित विभिन्न मानदंड़ों पर किया गया.

जानकारी के मुता‎बिक इसके बाद ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) इस बारे में आ‎खिरी फैसला लेने के लिए एक बार बैठेगी और अपनी सिफारिशों को एनसीएलटी के पास भेजेगी. पिछले महीने बोली की प्रक्रिया के पांचवें और आ‎खिरी दौर की समाप्ति के बाद पीरामल एंटरप्राइजेज और ऑकट्री, दोनों ने दावा किया था कि उनकी बोली सबसे ऊंची है. सूत्रों के मुताबिक बोलीदाताओं ने 35,000 से 37,000 करोड़ रुपए के बीच बोली लगाई है. जुलाई 2019 में कंपनी पर बैंकों का 83,873 करोड़ रुपए का बकाया था. मार्च 2020 में कंपनी की परिसम्पत्तियां 79,800 करोड़ रुपए थी.

इसमें से 63 प्रतिशत एनपीए (अवरुद्ध) हो चुकी थीं. इसमें 10,083 करोड़ रुपए का सबसे बड़ा बकाया भारतीय स्टेट बैंक (Bank) का है. इसके अलावा बैंक (Bank) आफ इंडिया के (4,125 करोड़ रुपए), केनरा बैंक (Bank) (2,681 करोड़ रुपए), एनएचबी (2,434 करोड़ रुपए), यूनियन बैंक (Bank) (2,378 करोड़ रुपए), सिंडीकेट बैंक (Bank) (2,229 करोड़ रुपए), बैंक (Bank) आफ बड़ौदा (2,075 करोड़), इंडियन बैंक (Bank) (1,552 करोड़), सेंट्रल बैंक (Bank) (1,389 करोड़), आईडीबीआई बैंक (Bank) (999 करोड़) और एचडीएफसी बैंक (Bank) (361 करोड़ रुपए) बकाया हैं.

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