Saturday , 19 June 2021

लंबी कानूनी लड़ाई के बाद दिल्ली पुलिस को मिली कामयाबी

नई दिल्ली (New Delhi) . अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर रैकेट चलाने के आरोपी फरार सरगना किशन सिंह को दो साल तक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद रविवार (Sunday) रात लंदन से भारत लाया गया. इसके लिए ब्रिटिश सरकार ने किशन सिंह के प्रत्यर्पण की मंजूरी दी.

स्पेशल सेल के एक अधिकारी का कहना है कि किशन को पहले 7 दिन तक क्वारंटाइन में रखा जाएगा, उसके बाद उसे रिमांड पर लेकर सघन पूछताछ की जाएगी. दिल्ली पुलिस (Police) की स्पेशल सेल ने 2017 में ड्रग तस्कर के बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था. इस मामले में स्पेशल सेल ने हरप्रीत सिंह नाम के खिलाड़ी समेत तीन को गिरफ्तार किया था. हरप्रीत ने ऑस्ट्रेलियन कॉमनवेल्थ यूथ गेम 2004 में सिल्वर मेडल हासिल किया था. उसके दो साथी अमनदीप और हनीश के पास से पुलिस (Police) ने 25 किलो पार्टी ड्रग्स बरामद की थी. इस ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों बताई गई थी.

इस ड्रग्स की आपूर्ति मुंबई (Mumbai) और दिल्ली में आयोजित होने वाली रेव पार्टियों में की जानी थी. पूछताछ में इनसे पता चला था कि वे राजस्थान (Rajasthan)निवासी ड्रग सरगना किशन सिंह के लिए काम करते थे. पुलिस (Police) को पता चला था कि वह लंदन में रहता है. हनीश ने पुलिस (Police) को बताया था कि वह एमबीए करने के लिए स्टूडेंट वीजा पर लंदन गया था. वहां उसकी मुलाकात किशन सिंह से हुई थी. किशन भारत में ड्रग तस्करी का साम्राज्य बनाना चाह रहा था. किशन के बारे में जानकारी मिलने के बाद स्पेशल सेल उसे भारत लाने का प्रयास करती रही. करीब दो साल की कानूनी लड़ाई के बाद ब्रिटिश सरकार ने किशन सिंह के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी जिसके बाद उसे स्पेशल सेल की टीम दिल्ली लेकर आ गई.

बीते साल लंदन से क्राइम ब्रांच की टीम ने देश के बड़े बुकी संजीव चावला को प्रत्यर्पण पर भरता लाई थी. वहीं अब किशन सिंह को प्रत्यर्पण पर भारत लाया गया. बुकी संजीव चावला को तिहाड़ जेल में रखा गया था. अदालत से बाद में उसे जमानत मिल गई थी.किशन सिंह ने कोर्ट में प्रत्यर्पण को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि अगर उसे भारत भेजा गया तो वहां पर निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी. कोर्ट ने आखिरकार उसकी दलील नहीं मानी और उसे भारत भेजे जाने का आदेश दिया.

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