Monday , 19 April 2021

दिल्ली ड्राइवरलेस मेट्रो से अनजान थे यात्री बताने पर हुए भौचक्के

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन में ड्राइवरलेस मेट्रो के सफर के पहले दिन यात्री लगभग इससे अंजान थे. ज्यादातर यात्रियों (Passengers) को इस बारे में पता नहीं था. जब पता लगा तो वह भौचक्के रह गए. कुछ तो डर गए तो कुछ ने कहा कि लेकिन हमें सफर के दौरान इसका पता ही नहीं चला. मगर वह ये भरोसा नहीं कर पा रहे थे कि मेट्रो बिना चालक के चल रही थी. हौज खास पर मजेंटा लाइन पर जनकपुरी पश्चिम से सफर करके आ रहे विजय मित्तल अपनी पत्नी के साथ उतरे. उनसे पूछा कि आपको मालूम है कि इस ट्रेन में चालक नहीं है. यह ऑटोमैटिक चल रही है. पहले वह अचंभित फिर मुस्कुकराते हुए पूछा कब से. मैंने कहा कि आज से शुरू हुआ है तो बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, मगर मैं पहले भी आया हूं मुझे कोई अंतर या झटके का अहसास नहीं हुआ. वहीं बॉटेनिकल गार्डन की तरफ जा रही ट्रेन के महिला कोच में बैठी कीर्ति से पूछा कि आपको पता है कि इसमें चालक नहीं है. उनकी आंखें खुली रह गई. पहले उन्होंने नहीं माना. जब हमने उन्हें चालक का केबिन खोल दिखलाया. आगे ट्रैक पर नजर आया तो उन्होंने कहा कि मुझे तो डर लग रहा है. अजीब-अजीब से ख्याल दिमाग में आ रहा है.

उन्होंने कहा कि मुझे नहीं मालूम था कि इसमे चालक नहीं है. वह जहां बैठी थी वहां से चालक केबिन थोड़ी दूर पर ही था. फिर उनसे उल्टा पूछ लिया सेफ तो है. चालक रहित ट्रेन में मिले रिटार्यस पुलिस (Police) निरीक्षक राजेंद्र कुमार वह चिल्ला बार्डर किसान आंदोलन में जा रहे थे. उन्हें बताया कि आपकी ट्रेन में चालक नहीं है तो उन्होंने कहा कि फिर कौन चला रहा है. जब उन्हें बताया कि यह ऑटोमैटिक मोड में चल रही है. उन्होंने कहा कि अच्छा है देश तरक्की कर रहा है. मगर फिर उन्होंने कहा कि चलो अच्छा है देश तरक्की कर रहा है.

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