Thursday , 24 June 2021

क्रोकोडायल पार्क में बढ़ रही मगरमच्छों की आबादी

बिलासपुर (Bilaspur) . प्रदेश के पहला क्रोकोडायल पार्क जांजगीर जिले कोटमी सोना (Gold)र में स्थापित है यह गांव के मुड़ा तलाब को मगरमच्छओ के संरक्षित करने के उद्देश्य से मुड़ा तलाब को क्रोकोडायल पार्क का नाम दिया गया है यह पार्क सन 2006 से अपने अस्तित्व में आया है यहां पर पार्क बनने से पहले बड़ी संख्या में इस तालाब में मगरमच्छ रहते रहे है.जबकि क्रोकोडायल पार्क बनने के बाद इस 80 एकड़ के तलाब में गांव सहित अन्य गाँवो से 350 के करीब मगरमच्छो को पकड़कर क्रोकोडायल पार्क शिप्टिंग किया गया है.जबकि क्षेत्र के तालाबो में आज भी बड़ी संख्या में मगरमच्छ मिल रहे है कुछ मगरमच्छो की मौत भी हो चुकी है.वन विभाग को क्रोकोडायल पार्क को विस्तार करने की जरूरत है यहां 80 एकड़ के तलाब में लगभग 40 एकड़ भूमि को गहरीकरण करने की आवश्यकता है जिससे की मगरमच्छ तलाब स्वतंत्रता से विचरण कर सके.

ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग मुड़ा तलाब को गहरीकरण कर तलाब का क्षेत्र को बढ़ा सकते है यहां लगातर मगरमच्छो की संख्या बढ़ रही है. पूर्व सरपंच संतकुमार ने बताया कि कोटमी सोना (Gold)र में सेकड़ो की संख्या में आज भी मगरमच्छ छोटे बड़े तलाब नाले में मिल रहे है इन सब मगरमच्छो को पार्क में शिफ्ट किया जा रहा है जबकि मुड़ा तलाब क्रोकोडायल पार्क को गहरीकरण कर विस्तार करना चाहिए जिससे मगरमच्छो को पानी में रहने सुविधा हो.
आपको बता दे की पार्क में अंदर मगरमच्छो की लड़ाई होते ही रहती है तलाब के अंदर की चौड़ाई को बढाने से मगरमच्छो की लड़ाई कुछ हद तक रुक सकती है.

पार्क पीछे साइड में पत्थर व मिटटी की ढेर है यदि उसे गहरीकरण कराकर तलाब बना दिया जाये तो मगरमच्छो को तलाब अंदर बड़ी जगह मिल जायेगी. पांच वर्ष पहले क्रोकोडायल पार्क में गहरीकरण का कार्य हुआ था उसके बाद एक बार भी नही हुआ है जबकि पार्क में लगातार मगरमच्छो की संख्या में वृद्धि हो रही है.वही गहरीकरण कर पुरे पार्क गोलाई कर माला जैसे बनाया जा सकता है जिससे पर्यटकों को पूरे चक्कर लगाकर मगरमच्छ देख सकते है.

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