Thursday , 15 April 2021

Covaxin को विशेषज्ञ समिति की मंजूरी मिली

कोवैक्सीन के आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल को मंजूरी देने की अनुशंसा

नई दिल्‍ली . भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति ने भारत बायोटेक के स्वदेशी कोविड टीके ‘कोवैक्सीन’ के भारत में आपातकालीन परिस्थितियों में इस्तेमाल को मंजूरी देने की अनुशंसा की है. सरकारी सूत्रों ने ये जानकारी दी.

covaxin-clearence

बता दें कि सीडीएससीओ को भारत में वैक्सीन से संबंधित प्रस्तावों का काम सौंपा गया है. इससे पहले शुक्रवार (Friday) को इसकी 10 सदस्यीय विषय विशेषज्ञ समिति ने ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका कोरोना (Corona virus) वैक्सीन कोविशिल्ड के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण को मंजूरी दे दी थी. इसके साथ ही यह भारत में पहली ऐसी वैक्सीन बन गई, जिसे आपातकालीन उपयोग के लिए समिति की मंजूरी मिल गई.

गौरतलब है कि कोवैक्सीन भारत की स्वदेशी वैक्सीन है. इसे भारत बायोटेक ने विकसित किया है. इस वैक्सीन को भारत बायोटेक व एनआईवी पुणे (Pune) ने मिलकर तैयार किया है. अभी तक भारत में दो वैक्सीन हैं जिन्हें सिफारिश के लिए हरी झंडी मिल गई है. यानी कोविशील्ड के बाद कोवैक्सीन देश की दूसरी वैक्सीन है जिसे एक्सपर्ट कमेटी ने मंजूरी दे दी है.

शीर्ष सूत्र ने शनिवार (Saturday) को कहा कि कोरोनावायरस वैक्सीन का आकलन करने वाली विशेषज्ञों की समिति ने एक बैठक के बाद हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक को शनिवार (Saturday) की दोपहर बैठक के लिए बुलाया था.

शुक्रवार (Friday) को सीडीएससीओ की विषय विशेषज्ञ समिति ने माना था कि भारत बायोटेक द्वारा अपनी कोरोनावायरस वैक्सीन के लिए प्रदान किया गया डेटा आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए पर्याप्त नहीं है. इसने भारत बायोटेक को और अधिक जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा था.

एक सूत्र ने बताया कि सीडीएससीओ की कोविड-19 (Covid-19) पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने अतिरिक्त डाटा, तथ्य और विश्लेषण सौंपे जाने के बाद हैदराबाद स्थित फ़ार्मास्युटिकल फर्म के टीके के आपातकालीन उपयोग संबंधी आवेदन पर शनिवार (Saturday) को फिर से विचार-विमर्श किया.

विशेषज्ञ पैनल ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ओर से ‘कोविशिल्ड’ और भारत बायोटेक द्वारा ‘कोवैक्सीन’ के लिए मांगे गए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण पर निर्णय लेने के लिए एक बैठक बुलाई थी. एक बार जब समिति की ओर से वैक्सीन के लिए रास्ता साफ हो गया, तब अंतिम अनुमोदन के लिए आवेदन भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) वी.जी. सोमानी को भेज दिया गया है.

पुणे (Pune) स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने क्लिनिकल परीक्षण और ‘कोविशिल्ड’ के निर्माण के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ भागीदारी की है, जबकि भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर ‘कोवैक्सीन’ बनाई है.

बता दें कि एसआईआई ने ऑक्सफोर्ड के टीके के आपात उपयोग की मंजूरी के लिए छह दिसंबर को भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) को आवेदन किया था, वहीं हैदराबाद की भारत बायोटेक ने सात दिसंबर को आपने स्वदेश विकसित कोवैक्सीन टीके की मंजूरी के लिए अर्जी दाखिल की थी.

AIIMS चीफ डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि 12-14 दिन में COVID-19 वैक्सीन के बड़े रोलआउट की उम्मीद है. अगले 12 से 14 दिनों में कोरोना का टीकाकरण शुरू हो सकता है. इससे पहले यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी यही संकेत दिए थे. कोरोना के घटते मामलों के बीच उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (Saturday) को घोषणा की कि प्रदेश में 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति से कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होगी.


News 2021

Please share this news