Tuesday , 15 June 2021

किशोर के भविष्य के लिए कोर्ट ने मारपीट के मामले से किया बरी

नालंदा . बिहार (Bihar) के नालंदा जिले की अदालत ने एक किशोर की प्रतिभा को देखते हुए उसे मारपीट के एक मुकदम में बरी कर दिया. जज मानवेंद्र मिश्रा ने आरोपी किशोर के केस की महज 13 दिन में सुनवाई पूरी कर रिहाई दे दी है. आरोपित किशोर का केंद्रीय चयन परिषद सिपाही के पद पर चयन कर लिया गया है. उसकी मेधा को देखते हुए कोर्ट ने एसपी को निर्देश दिया कि नाबालिग के दौरान किए अपराध का जिक्र उसके चरित्र प्रमाण पत्र में नहीं किया जाए. अस्थावां थाना क्षेत्र के एक मारपीट के मामले में किशोर ने कोर्ट से आग्रह किया कि ‘मेरे मामले को निष्पादित कर दिया जाए. ताकि, भविष्य में मेरी नौकरी पर किसी प्रकार का असर ना आए.’

अस्थावां थाना इलाके के लक्ष्मण चौधरी ने 22 सितंबर 2017 को किशोर और उसके परिजन पर मारपीट और गाली गलौज करने का आरोप लगा कर मामला दर्ज कराया था. जज मानवेंद्र मिश्रा ने अपने फैसले में कहा कि बच्चे का स्वभाव होता है कि जब वो माता-पिता और बड़ों को लड़ते देखता है तो वह अपने परिवार के बचाव में सहयोग में शामिल हो जाता है. यह बच्चे का यह स्वाभाविक गुण होता है.जज ने किशोर के आग्रह को और अभिलेख पर लगाए गए आरोप के अलावा सिपाही भर्ती का प्रमाण पत्र दिए जाने के बाद किशोर को बरी कर दिया.

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