Sunday , 20 September 2020

महाराष्ट्र के पांच जिलों में कोरोना संक्रमण एक माह में 500 प्रतिशत तक बढ़ा


मुंबई (Mumbai) , . कोरोना (Corona virus) के ग्राफ़ में देश में सबसे ऊपर महाराष्ट्र (Maharashtra) कुल 7,80,689 मामलों के साथ बना हुआ है. यानी देश के कुल 21 फीसदी मामले महाराष्ट्र (Maharashtra) में हैं. राज्य में मुंबई (Mumbai) , ठाणे, पुणे जैसे शहर तो कोरोना हॉटस्पॉट रहे ही लेकिन अब पांच जिले चिंता बढ़ा रहे हैं, जहां संक्रमण के मामलों में क़रीब 500 प्रतिशत की तेजी दिख रही है. बीड में पिछले 31 दिनों में मामले 757 से 4716 हो गए. यानी 600 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. उस्मानाबाद में एक अगस्त को 971 मामले थे जो 31 अगस्त तक बढ़कर 5780 तक पहुंच चुके हैं. नागपुर में एक महीने में मामले 4835 से बढ़कर 27241 हो चुके हैं.

यानी करीब 500 फीसदी का इजाफा हुआ है. वहीं सांगली और कोल्हापुर में भी करीब साढ़े चार सौ से 500 प्रतिशत तक संक्रमण में तेज़ी आई है. ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे डॉक्टर (doctor) मानते हैं कि लोगों में डर, हॉस्पिटल, टेस्टिंग, ज़रूरी दवाओं और ऑक्सीजन की कमी जैसे पांच मुख्य कारण हैं जिनकी वजह से छोटे ज़िले, कोविड की बड़ी मार झेल रहे हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) महाराष्ट्र (Maharashtra) ने इसके कई कारण गिनाए हैं. आईएमए-महाराष्ट्र (Maharashtra) के अध्यक्ष डॉ अविनाश भोंडवे कहते हैं कि ‘इन सभी ज़िलों में सरकारी अस्पतालों की जो तादाद है वो बहुत ही कम है.

पहले से ही सरकार (Government) ने इन ग्रामीण इलाक़ों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया है. ग्रामीण इलाक़ों में निजी अस्पताल भी ज़्यादा नहीं हैं. एक और ज़रूरी बात है कि इन इलाक़ों में टेस्टिंग फ़ेसिलिटी भी ज़्यादा नहीं है. इन इलाकों में इफेक्टिव मेडिसिन जैसे कि रेमडेसिविर और टोसिलिज़ूमाब की भी काफी कमी है.’ कोरोना संक्रमण में तेजी होने की वजह अनलॉकिंग को भी माना जा रहा है. क्योंकि अनलॉक होने से लोगों का मूवमेंट बढ़ा. लोग भी मानने को तैयार नहीं हैं. हालांकि उनकी भी मज़बूरी है. काम नहीं करेंगे तो घर कैसे चलाएंगे. बहरहाल महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना अपनी रफ़्तार से अबतक आगे बढ़ रहा है. लेकिन राज्य के पांच जिलों में बेहद तेजी के साथ कोरोना के बढ़ने से राज्य सरकार (Government) के समक्ष अब एक नई चुनौती खड़ी हो गई है.