Tuesday , 15 June 2021

कोरोना संवाहक बने 7 इंडोनेशियाई जमाती एक साल बाद आरोप मुक्त, अपने देश रवाना

प्रयागराज (Prayagraj) . देश की राजधानी दिल्ली स्थित मरकज़ निज़ामुद्दीन से मार्च 2020 में लौटे दो अलग अलग जमातों जिसमें 7 इंडोनेशियन व 9 थाईलैंड सहित 30 जमातियों के आरोप मुक्त होने के बाद 7 इंडोनेशियाई जमाती कल देर रात मरकज़ अब्दुल्ला मस्जिद से दिल्ली के लिए पुलिस (Police) वैन से सुरक्षा व्यवस्था के साथ रवाना हो गए हैं. जहां इंडोशिया के लिए सभी लोग उड़ान भरे.

बता दें कि एफआईआर (First Information Report) थाना शाहगंज में 7 विदेशियों सहित 17 लोगों के विरुद्ध नामजद एफआईआर (First Information Report) धारा 188,269,270,271, आईपीसी 3 महामारी (Epidemic) अधिनियम,व 14 बी,14 सी में दर्ज की गई थी, जिसमे बाद में इलाहाबाद विश्विद्यालय के प्रोफेसर मो. शाहिद को भी 120बी का आरोपी बनाया गया था तथा करेली थाना के दूसरे प्रकरण में इन्ही धाराओं में 24 मार्च से ही मस्जिद हेरा में कोवरन्टीन किये गए 9 थाईलैंड के जमातियों व मस्जिद इमाम उज़ैफ़ा सहित सभी 30 आरोपियों को महबूबा पैलेस में कोवरन्टीन करने के बाद 21 अप्रैल को महबूबा पैलेस से ही गिरफ्तारी दिखा कर चालान कर दिया गया था.

गौरतलब है कि 7 इंडोनेशियन तब्लीगी जमात (Tablighi jamaat) के लोगों व 2 अनुवादकों को अब्दुल्ला मस्जिद मरकज़ में छिपाने के लिए 9 लोगों को ज़िम्मेदार बताया गया था. सभी 30 जमातियों की जमानतें उनके अधिवक्ता सय्यद अहमद नसीम उर्फ गुड्डू को सुनकर अदालत द्वारा स्वीकार की जा चुकी थी, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर उच्च न्यायलय ने जमातियों की सुनवाई के लिए 3 जोन बनाये थे.कोर्ट ने उन्मोचन प्रार्थना पत्र में थाना शाहगंज के मामले में इंडोनेशिया के इदरिस उमर, अदि कुस्तीना, समसुलहादी, इमाम साफी, सतिजो जोइडिनो, हेन्द्रा सिंम्बोलन, डैडीके इसकेन्डेर सहित सभी स्थानीय तथा थाईलैंड जमातियों को आरोप मुक्त कर दिया.

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