Tuesday , 2 March 2021

कांग्रेस का ‘‘किसान के लिए बोले भारत’’नामक सोशल मीडिया कैंपेन कल

रांची (Ranchi) . अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0 रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में पार्टी के सभी नेताओं- कार्यकर्त्ताओं की ओर से सोशल मीडिया (Media) पर 8जनवरी को किसान के लिए बोले भारत नामक कार्यक्रम के माध्यम से आवाज बुलंद करने का काम किया जाएगा. इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ0रामेश्वर उरांव, विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, मंत्री बादल और बन्ना गुप्ता समेत सभी विधायकों, सांसदों, पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों तथा वरिष्ठ नेताओं-कार्यकर्त्ताओं की ओर से सोशल मीडिया (Media) के विभिन्न प्लेटफार्म पर वीडियो अपलोड कर किसानों के समर्थन में आवास को बुलंद किया जाएगा.

पार्टी के प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता छोटू ने बताया कि विगत 42दिनों से किसान ठंड के इस मौके पर आंदोलनरत है और नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाये गये कृषि कानून का विरोध कर रहे है. इस दौरान 60 किसानों ने अपनी जान गंवाई है. केंद्रीय मंत्रिमंडल के अड़ियल रवैये के कारण किसानों और केंद्र सरकार (Central Government)के बीच सात दौर की वार्ता विफल रही है. वहीं केंद्र सरकार (Central Government)ने फिर दोहराया है कि वे इस कृषि कानून को भंग नहीं करेगी. इसके खिलाफ पार्टी ने किसान के लिए बोले भारत नामक कार्यक्रम के माध्यम से 8 जनवरी को आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया है. इस कार्यक्रम का नारा है-भारत के लोग मांग करते है कि भाजपा सरकार किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को रद्द करें.

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि किसानों के आंदोलन को लेकर माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा भी चिंता जतायी गयी है, भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार (Central Government)ने अपने पूंजीपति मित्रों के लिए जिस तरह का कानून लायी है, वैसा कानून दुनिया भर में कहीं नहीं है. भाजपा नेता किसान आंदोलनकारियों को कभी देशद्रोही कहते है, तो कभी कहते है कि खालिस्तानी समर्थकों को कनाडा से फंडिंग हो रही है, तो कभी यह आरोप लगाती है, इस आंदोलन के पीछे कांग्रेस का हाथ है, केंद्र सरकार (Central Government)इस तरह की अगर्नल बयानबाजी से बचे और कृषि क्षेत्र में एक बड़ी अनर्थ होने से बचाये.

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि नये कृषि कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं होगी, वहीं देशभर की मंडिया समाप्त हो जाएगी. खेत-खलिहानों पर भी पूंजीपतियों का कब्जा हो जाएगा, अन्नदाता किसान रोड पर आ जाएंगे, आम लोगों की पहुंच से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों दूर हो जाएगी.प्रदेश प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि केंद्र सरकार (Central Government)अपने अड़ियल रवैये को छोड़ कर किसानों की मांग को मान कर अविलंब नये कृषि कानून को रद्द करें.

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