Wednesday , 23 June 2021

कांग्रेस नई रणनीति से लडेगी उपचुनाव


जयपुर (jaipur) . राजस्थान (Rajasthan)में चुनाव आयोग ने चार उपचुनाव में से तीन सीटों के लिए 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तय की है जिसके तहत कांग्रेस ने अपनी जीताऊ नई रणनीति तय की है खबर के अनुसार प्रत्याशियों की घोषणा 28-29 मार्च को करेगी.

ज्ञात रहे कि प्रदेश में गहलोत सरकार ने दो साल पूरे कर लिए है और इन दो सालों में सरकार ने जो जनहित एवं विकास के लिए जो कार्य किए है उनको लेकर चुनावी क्षेत्रों में कांग्रेस जाने वाली है पर इसके अलावा पिछले दिनों तथाकथित पार्टी में गहलोत और सचिन पायलट की आपसी खींचमतान को कम करने का एन टाइम पर उम्मीदवारों की घोषणा करने की गुप्त रणनीति मानी जा रही है. हालांकि चुनाव की घोषणा से पहले ही कांग्रेस ने उक्त सीटों के लिए प्रभारियों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी थी इसके अलावा कांग्रेस मोदी सरकार के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को भी भुनाने की पूरी कोशिश कर रही है.

कांग्रेस को पांच राज्यों के चुनावों के साथ ही उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होने की उम्मीद थी लिहाजा पार्टी पहले से ही इन सीटों पर अपना फोकस किए हुए थी. बजट से पहले ही उपचुनाव वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सौगातें राज्य सरकार (State government) द्वारा दी गई. लेकिन तारीखों में देरी के साथ ही वल्लभनगर सीट पर चुनाव की तारीख तय नहीं करने को लेकर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर हो गई है. पार्टी प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि चौथी सीट पर बीजेपी को अभी तक कैंडिडेट नहीं मिला है इसके चलते इस सीट पर चुनाव करवाने में देरी की जा रही है.

डोटासरा ने तो यहां तक कहा कि भविष्य में चुनाव होंगे भी या नहीं इस पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है.कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा का कहना है कि उपचुनाव में जाने के लिए बीजेपी के पास मुद्दे नहीं है. इसके साथ ही विपक्ष में गुटबाजी भी हावी है. लेकिन हकीकत ये भी है कि कांग्रेस खुद भी कमोबेश इन्हीं मुश्किलों से जूझ रही है. प्रत्याशियों के टिकट तय करना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा. वहीं उपचुनाव से पहले पार्टी को एकजुटता भी साबित करनी होगी. हाल ही में कांग्रेस विधायकों ने एससी-एसटी के साथ भेदभाव के जो आरोप लगाए हैं वे उपचुनाव में कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं.

Please share this news