Wednesday , 3 March 2021

शाहजहां के बेटे दाराशिकोह की कब्र हुमायूं के मकबरे में ढूंढ़ने का दावा

नई दिल्ली (New Delhi) . मुगल बादशाह हुमायूं के मकबरे में शाहजहां के बेटे दाराशिकोह की कब्र के मिलने को लेकर जल्द जर्नल प्रकाशित होगा. पिछले वर्ष केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने कब्र खोजने को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के नेतृत्व में पुरातत्वविदों की एक समिति गठित की थी. सात सदस्यों वाली समिति के एक सदस्य को छोड़कर सभी ने एकमत होकर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के हैरिटेज सेल में कार्यरत असिस्टेंट इंजीनियर संजीव कुमार सिंह द्वारा कब्र खोजे जाने के दावे पर मुहर लगी दी है. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि वह पिछले चार साल से दारा शिकोह की कब्र खोज रहे थे.

इतिहास में उनकी शुरू से रुचि रही है. उन्होंने कब्र को लेकर एक रिपोर्ट भी तैयार की थी. आलमगीरनामा पुस्तक से उन्हें कब्र ढूंढ़ने में आसान हुई. 1688 में मोहम्मद काजिम ने औरंगजेब को समर्पित यह पुस्तक लिखी थी. काजिम औरंगजेब के दरबार में राजकीय इतिहासकार था, जिसने दारा शिकोह की कब्र हुमायूं के मकबरे में गुबंद के नीचे तहखाने में होने को लेकर जिक्र किया था. अन्य पुस्तकों में भी दारा शिकोह की कब्र को लेकर जिक्र है, लेकिन उतनी सटीक जानकारी नहीं है, जितनी आलमगीरनामा में मिली. संजीव बताते है कि हुमायूं के मकबरे में 140 से अधिक कब्र हैं. मुख्य व्यक्तियों की 24 कब्र के प्रारूप मकबरे के ऊपरी हिस्से में है, जिसमें 13 कब्र बाहरी परिसर में और 11 कब्र गुबंद के नीचे बनी है. यह प्रारूप उसी समय के आसपास बनाए गए हैं, जब यहां पर व्यक्ति को दफन किया गया.

हुमायूं के मकबरे में पश्चिम दिशा की ओर से जब भूतल से सीढ़ियों के ऊपर चढ़ते हैं तो बायीं ओर तीसरे कक्ष से दारा शिकोह की कब्र की ओर जाने का रास्ता है. इसमें सबसे पहले कक्ष में पांच कब्र है, जिसमें से मुख्य व्यक्ति की कब्र का प्रारूप ऊपरी हिस्से में बना हुआ है. फिर यहां से आगे बढ़ने पर एक खाली कक्ष आता है, उस जगह से संकरा रास्ता दूसरे कक्ष में दारा शिकोह की कब्र पर पहुंचता है. यहां पर पहले दारा शिकोह, फिर अकबर के बेटे मुराद और दानियाल को दफन किया गया है. इन तीनों की कब्र के प्रारूप गुबंद के नीचे बने हुए हैं, जिसका जिक्र आलमगीरनामा में किया गया है. 1659 में हुई थी, जबकि मुराद और दानियाल की मौत दारा शिकोह से पहले हो गई थी.

आलमगीरनामा में जिस प्रकार से गुबंद के नीचे तीन पुरुषों की कब्र के प्रारूप एक साथ होने के बारे में जानकारी दी गई है. वैसी तस्वीर गुबंद के नीचे किसी दूसरे कक्ष में नहीं दिखती है. साथ ही दिलचस्प बात यह है कि दारा शिकोह की कब्र के प्रारूप पर शाहजहां के काल की वास्तुकला नजर आती है. बता दें कि 11 जनवरी को मंत्रालय द्वारा गठित समिति ने यहां का दौरा किया था. केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा गठित टीम के सदस्य और एएसआई के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. बीआर मणि ने बताया कि कमेटी द्वारा दारा शिकोह की कब्र खोजे जाने को लेकर रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है. सात सदस्यों वाली समिति में से छह सदस्यों ने एकमत होकर संजीव कुमार सिंह के कब्र खोजने के दावे पर सहमति जाहिर की है, जिससे पहले कई तथ्यों की पड़ताल की गई थी. यह रिपोर्ट जल्द एक जर्नल में भी प्रकाशित होगी.

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