Tuesday , 20 October 2020

Chinese app removed : भारत के फैसले का अमेरिका ने किया स्वागत


नई दिल्ली (New Delhi) . भारत के कदम का खुले तौर पर समर्थन करते हुए अमेरिका ने सभी देशों और कंपनियों को स्वच्छ नेटवर्क” में शामिल होने का आह्वान किया. अमेरिकी विदेश विभाग ने यूएस अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ, एनर्जी एंड द एनवायरनमेंट के कीथ क्रैच के हवाले से कहा, भारत ने पहले ही 100 से अधिक चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया है. हम सभी स्वतंत्रता-प्रेमी राष्ट्रों और कंपनियों से स्वच्छ नेटवर्क में शामिल होने का आह्वान करते हैं.

क्रैच की टिप्पणी भारत सरकार (Government) द्वारा 118 और मोबाइल ऐप को बैन करने के बाद आई है. सरकार (Government) ने कहा है कि ये ऐसे ऐप्स हैं जो कि उन गतिविधियों में लगे हुए हैं, जो भारत की संप्रभुता और अखंडता, रक्षा और सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक व्यवस्था के लिए पूर्वाग्रहपूर्ण हैं. इस वर्ष की शुरुआत में ट्रम्प प्रशासन ने ‘स्वच्छ नेटवर्क’ कार्यक्रम की शुरूआत की थी, जो कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी जैसे घातक संगठनों के आक्रामक घुसपैठ से अपने नागरिकों की गोपनीयता और उसकी कंपनियों की सबसे संवेदनशील जानकारी की रक्षा करने के लिए एक व्यापक पहल थी. लगभग दो महीने पहले भारत ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे सीमा तनाव के बीच 59 चीन से जुड़े ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था.

मंत्रालय ने कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें कई मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में बताया गया है. ये ऐप्स चोरी करने के लिए एंड्रॉइड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप का उपयोग करते हैं और उपयोगकर्ताओं के डेटा को अनधिकृत तरीके से उन सर्वरों तक पहुंचाते हैं जो भारत के बाहर मौजूद हैं. सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मोबाइल गेम प्लेयर अननाउन मोबाइल ऐप्लीकेशन समेत 118 पर प्रतिबंध लगा दिया. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच भारी तनाव के बीच केन्द्र सरकार (Government) की तरफ से यह कदम उठाया गया है.

चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी पिछले कई महीनों से एलएसी पर अड़ी हुई है और भारतीय सीमा पर लद्दाख में घुसपैठ की कोशिश कर रही है. इससे पहले, सीमा पर तनाव के बीच 29 जून को भारत ने 59 चीनी ऐप को बैन किया था. जून में जिन ऐप को बैन किया गया था उमें टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, जेंडर, शेयरइट, वी चैट, वीईबो शामिल थे.