Friday , 25 September 2020

सुशांत के फ्लैट-मेट सिद्धार्थ, सहायक नीरज, कुक केशव, नौकर दीपेश से CBI ने पूछताछ की


मुंबई (Mumbai) . CBIने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सुशांत के फ्लैट-मेट सिद्धार्थ पिठानी, उनके सहायक नीरज, कुक केशव और नौकर दीपेश सावंत से पूछताछ की है. इन चारों प्रमुख प्रत्यक्षदर्शियों ने यह बताया कि सुशांत ने अपने जीवन के अंतिम चंद घंटे कैसे व्यतीत किए. ये चारों लोग सुशांत सिंह राजपूत के साथ उनके बांद्रा वाले घर में रहते थे, जहां 14 जून को वह मृत पाए गए थे.

कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के आखिरी दिन की जानकारी दी. सिद्धार्थ पिठानी और नीरज से कई बार पूछताछ की गई है. सूत्रों ने बताया कि चारों ने मुंबई (Mumbai) पुलिस (Police) के साथ-साथ CBIको बताया है कि 13 जून की रात से अगली सुबह तक सुशांत सिंह राजपूत ने अपना अधिकांश समय बंद कमरे में गुजारा.

दीपक सावंत 14 जून को घर में उठने वाला सबसे पहला व्यक्ति था. CBIकी पूछताछ में कथित तौर पर उसने बताया कि जब उसने एक रात पहले सुशांत से डिनर के लिए पूछा तो उन्होंने मना कर दिया और मैंगो शेक लाने के लिए कहा. सावंत के मुताबिक, सुशांत ने कहा, “तुम लोग जाओ और खाना खाओ.”
सावंत का दावा है कि उसने खाना खाया और अपने मोबाइल पर फिल्म देखने लगा. सावंत ने जांचकर्ताओं को बताया कि रात करीब 10.30 बजे जब उसने सुशांत सिंह राजपूत को फोन किया था, तो कोई जवाब नहीं आया. उसे लगा सुशांत सो गया है.

सावंत ने कहा कि वह 14 जून यानी अगले दिन वह सुबह साढ़े 5 बजे उठा और रोजाना के काम खत्म किए. करीब एक घंटे बाद वह सुशांत के कमरे में जाने के लिए सीढ़ियों पर गया. जब उसने दरवाजा खटखटाया तो पाया कि सुशांत सिंह पहले से ही जाग रहे थे और बेड पर बैठे थे. सावंत के मुताबिक, उसने चाय के लिए पूछा लेकिन उन्होंने चाय और नाश्ते के लिए मना कर दिया. केशव और नीरज सुबह करीब 7 बजे उठे.

सूत्रों के मुताबिक, नीरज ने CBIको बताया कि उसने 8 से 8.15 के बीच सर (सुशांत) को बुलाया. वह सीढ़ियों पर आए और ठंडा पानी लाने के लिए कहा. उसने जांचकर्ताओं को बताया कि एक घंटे बाद, केशव सुशांत के कमरे में अनार का जूस और नारियल पानी देने गया. उस समय करीब 9 बजकर 15 मिनट हो रहे थे. यह आखिरी समय तब जब उसने सुशांत को देखा. केशव ने CBIको बताया कि जब वह सुशांत सर के कमरे में यह पूछने गया कि लंच के लिए क्या बनेगा, तो दरवाजा बंद था, जो कि असामान्य था. उसने इसकी जानकारी सिद्धार्थ पिठानी को दी.