Friday , 14 May 2021

शाहनवाज हुसैन के सहारे बिहार में मुस्लिम और यादव समीकरण को साधने में जुटी भाजपा

बंगाल चुनाव पर भी पड़ेगा इसका सीधा असर

नई दिल्ली (New Delhi) . बीजेपी ने बिहार (Bihar) में बड़ा दांव खेलकर एक ऐसा राजनीतिक ‘तीर’ छोड़ा है, जो यहां के ‘टारगेट’ को भेदकर पड़ोसी राज्य के सत्तारूढ़ दल को भी ‘चुभ’ सके. दरअसल बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन को बिहार (Bihar) विधान परिषद भेजने का फैसला लिया है. सूत्रों के अनुसार शाहनवाज हुसैन को नीतीश मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि बीजेपी ने शाहनवाज हुसैन के जरिए बिहार (Bihar) में आरजेडी और बंगाल के टीएमसी पर निशाना साधा है.

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बीजेपी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी इस कारण बनी क्योंकि, एक चुनाव के बाद बीजेपी के कार्यकर्ता दूसरे चुनाव की तैयारी में जुट जाते हैं. 2020 बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बीजेपी अब पूरी तरह से बंगाल चुनाव पर केंद्रित है. बीजेपी के रणनीतिकारों ने बिहार (Bihar) में अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन के जरिए एक ऐसा तीर चलाया है जिससे ना सिर्फ बिहार (Bihar) में आरजेडी को नुकसान हो सकता है बल्कि, पड़ोसी राज्य बंगाल की सत्तारूढ़ टीएमसी पर भी असर डाल सकता है.
28 जनवरी को बिहार (Bihar) विधान परिषद की दो सीटों पर उप- चुनाव होना है. बिहार (Bihar) विधान परिषद की यह दोनों सीट बीजेपी की है, जो पूर्व उपमुख्यमंत्री (Chief Minister) सुशील कुमार मोदी के राज्यसभा सांसद (Member of parliament) बनने और बिहार (Bihar) सरकार के पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा के एमएलए बनने से खाली हुई थी.सोमवार (Monday) को बीजेपी की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन बिहार (Bihar) विधान परिषद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया. वहीं विकासशील इंसान पार्टी की ओर से मुकेश साहनी भी अपना पर्चा दाखिल किया.

2020 में बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) जीतने के बाद बीजेपी की नजर 2021 में होने वाले बंगाल चुनाव पर है. बंगाल में मिशन 200 प्लस लेकर चल रही है, बीजेपी बिहार (Bihar) में मिशन आरजेडी पर भी काम कर रही है. अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन को बिहार (Bihar) विधान परिषद भेज कर जहां आरजेडी के एमवाई समीकरण को तोड़ने की कोशिश कर रही है. वहीं बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी की ओर से बीजेपी को सांप्रदायिक और मुस्लिम विरोधी बताए जाने के काट के तौर पर शाहनवाज हुसैन का चेहरा सामने कर दिया है.

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ‘एमवॉय’ यानी मुस्लिम और यादव समीकरण के दम पर ही बिहार (Bihar) में 15 साल तक सत्ता पर काबिज रहे थे. हालांकि बिहार (Bihar) में बेतहाशा बढ़े अपराध और भ्रष्टाचार की वजह से 2005 में लालू प्रसाद यादव चुनाव हार गए. लेकिन उनके मुस्लिम यादव गठजोड़ (एमवॉय समीकरण) ने उनका साथ नहीं छोड़ा. लालू यादव की सत्ता गए 15 साल से अधिक हो गए लेकिन उनका समीकरण 2020 के चुनाव में भी उनके साथ खड़ा दिखा. यह अलग बात है कि हैदराबाद के असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन की वजह से सीमांचल के क्षेत्र में मुसलमानों का बंटवारा हो गया. अब बीजेपी ने चारा मामले में जेल में बंद लालू यादव की इसी ताकत को तोड़ने के लिए बिहार (Bihar) में अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन को ला खड़ा किया है.

बीजेपी के पूर्व विधायक और पार्टी के प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल का कहना है कि आरजेडी का ‘एमवाय’समीकरण पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है. उन्होंने कहा कि अब यादव समाज भी एनडीए के साथ है. प्रेमरंजन पटेल ने कहा कि चुनाव 2020 के पहले ही चंद्रिका राय, जयवर्धन यादव और महेश्वर यादव जैसे आरजेडी विधायकों का एनडीए में शामिल होना यह साबित करता है कि, यादव समाज का लालू यादव और आरजेडी से मोहभंग हो चुका है. उन्होंने कहा कि यादव समाज के लोग अब बीजेपी नेता के राष्ट्रीय महामंत्री सह सांसद (Member of parliament) और बिहार (Bihar) प्रभारी भूपेंद्र यादव के साथ केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को अपना नेता मान चुके हैं. प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि, यादव समाज के लोगो को अब यह समझ में आ चुका है कि, लालू यादव और उनके परिवार के सदस्यों ने सिर्फ अपने फायदे के लिए उनका इस्तेमाल किया है.

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