Friday , 16 April 2021

भाजपा सांसद मनसुख वसावा का पार्टी से इस्तीफा

अहमदाबाद (Ahmedabad) . भरुच से भाजपा सांसद (Member of parliament) मनसुख वसावा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. गुजरात (Gujarat) भाजपा प्रमुख सीआर पाटील को भेजे इस्तीफे में मनसुख वसावा ने लिखा है कि आखिर मैं भी एक इंसान हूं. भाजपा ने मुझे क्षमता से अधिक दिया है, इसके लिए केन्द्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करता हूं. पार्टी के प्रति सदा वफादार रहा हूं और पार्टी मूल्यों को जीवन में अमल किए. लेकिन मैं भी इंसान हूं और जाने अंजाने कोई गलती हुई हो और उससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचे, इसके लिए इस्तीफा दे रहा हूं. वसावा पत्र में आगे लिखा कि बजट सत्र के दौरान लोकसभा (Lok Sabha) अध्यक्ष ओम बिरला से प्रत्यक्ष रूप से मुलाकात कर सदन की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दूंगा. मनसुख वसावा के इस्तीफे को लेकर गुजरात (Gujarat) भाजपा प्रमुख सीआर पाटील ने कहा कि वह हमारे वरिष्ठ सांसद (Member of parliament) हैं और उन्होंने मेरे समक्ष अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं. भावनाशील मनसुख वसावा लोगों के लिए संघर्ष करना अपना कर्तव्य समझते हैं, जिसे वह आगे भी जारी रखेंगे. यह हमारे गर्व की बात है कि मनसुख वसावा जैसे व्यक्ति हमारे सांसद (Member of parliament) हैं.

पाटील ने कहा कि वसावा की पेशकश के बारे में आज मैंने मुख्यमंत्री (Chief Minister) विजय रूपाणी से मुलाकात की है और उनकी नाराजगी खत्म की जाएगी. गौरतलब है कि मनसुख वसावा ने नर्मदा जिले के 121 गांवों को ईको सेन्सेटिव जोन में शामिल किए जाने का विरोध किया था. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सरकार द्वारा अधिकारियों से भी मनसुख वसावा नाराज थे. कुछ दिन पहले मनसुख वसावा ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की भांति गुजरात (Gujarat) में लव जेहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सरकार से मांग करते हुए कहा था कि रुपयों की मजबूरी में आदिवासी लड़कियां बिक रही हैं. संभव है कि अपनी मांगों को नजरअंदाज किए जाने की वजह से मनसुख वसावा नाराज चल रहे हों और इसकी वजह से उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया हो.

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