Friday , 16 April 2021

कोरोना वायरस संक्रमण का सुपरमार्केट में सबसे ज्यादा खतरा, जाते समय रहे सतर्क

नई दिल्ली (New Delhi) . देश में घातक वायरस कोरोना के संक्रमण से जूझ रहा है. एक साल से ज्यादा समय होने के बाद भी संक्रमण का प्रकोप कम नहीं हुआ है. पिछले कुछ महीने में कोरोना का ग्राफ कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी खतरा टला नहीं है. जब तक कोरोना वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक काफी ऐहतियात बरतने की जरूरत है. अब नया साल आ चुका है और लोग 2020 की बुरी यादों को भूल कर 2021 में एक नई शुरूआत कर रहे हैं. अभी कोविड-19 (Covid-19) वायरस खत्म नहीं हुआ इसलिए हमें ऐसे स्थानों में जाने से बचना चाहिए जहां संक्रमण का खतरा ज्यादा हो.

एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि कुछ विशेष स्थानों में कोरोना (Corona virus) का खतरा दूसरी जगहों से कहीं ज्यादा है. इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि नए साल के जश्न में हमें अपने हेल्थ का भी खास ध्यान रखना है और किसी भी ऐसे जगहों में जाने से बचना है जहां भीड़-भाड़ ज्यादा हो. आइए जानते हैं कि विशेषज्ञ आखिर इन दिनों किन स्थानों संक्रमण के लिहाज से अधिक खतरनाक मान रहे हैं. कई लोग ऐसा मानते हैं कि पार्क में जाना, रेस्टोरेंट में या फिर होटल (Hotel) में खाना कोरोना (Corona virus) संक्रमण के लिए सबसे अधिक बड़ा कारक है, लेकिन हम आपको बता दें कि ऐसा नहीं है. हाल ही में एक सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ है कि कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक लोग तब कोविड से पॉजिटिव पाए गए जब वे किराने की दुकान और सुपर मार्केट में खरीदारी के लिए गए थे.

हालांकि सुपरमार्केट को एक संक्रामक स्थान के तौर पर परिभाषित नहीं किया गया है क्योंकि जिन लोगों पर सर्वेक्षण किया गया था वह सुपरमार्केट के अलावा भी कई स्थानों पर गए थे जिसके बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई. इसलिए अगर आप भी इन दिनों सुपर मार्केट और भीड़-भाड़ वाली दुकान में सामान लेने जाते हैं तो वहां जाने से बचें. सुपरमार्केट जरूर एक ओपेन प्लेस है और यहां सामान्य दुकान की अपेक्षा अधिक सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहने की गुंजाइश रहती है लेकिन कई रिपोर्ट्स में यहां कोरोना (Corona virus) का खतरा होने की संभावना अधिक जताई गई है. कोई भी सुपर मार्केट गली नुमा होता है और हर एक चीज एक दूसरे से कनेक्टेड होती है ऐसे में वायरस एक चीज से दूसरे में आसानी से ट्रांसफर हो सकता है.

इसके अलावा दूसरा सबसे बड़ा कारण यह भी है कि सुपर मार्केट में आप नहीं जानते कि जिस सामान को आप छूने जा रहे हैं उसे आप से पहले किसी ने छुआ है कि नहीं. हो सकता है कि उसे पहले किसी ऐसे व्यक्ति ने टच किया हो जो कोरोना से संक्रमित हो. आपसी दूरी के नजरिए से सुपरमार्केट में खरीदारी सही माना जा सकती है लेकिन यहां कई सौ लोग एक साथ मौजूद होते हैं जिससे हमेशा ही सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना मुश्किल हैं और एक जगह पर इतने लोगों के मौजूद होने से संक्रमण का खतरा कई गुना (guna) बढ़ जाता है. जानकारी के मुताबिक सुपरमार्केट और किराने की दुकान में खरीदारी से कोरोनावायरस संक्रमण फैलने की दर 18.6 प्रतिशत है जो कि स्कूल, नर्सिंग होम, होटल (Hotel) से अधिक ज्यादा है.

सुपरमार्केट को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से कोरोना (Corona virus) के एसिम्टोमैटिक ट्रांसमिशन का खतरा सबसे अधिक है. आपको बता कि दुनिया भर में कोरोना के 40 प्रतिशत मामले के लिए एसिम्टोमैटिक ट्रांसमिशन को ही जिम्मेदार माना गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सुपरमार्केट में खराब क्वालिटी का मास्क और लो क्वालिटी का सेनेटाइजर ग्राहकों और मार्केट में काम करने वाले कर्मचारिओं पर संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ा रहा है. यहां यह ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी सुपरमार्केट कितना अच्छा हो कितने भी नियम लागू किए हो, लेकिन किराना एक आवश्यक वस्तु में आता है और इसकी खरीदारी के लिए एक से अधिक लोग पहुंचेंगे और जितने अधिक लोग होंगे संक्रमण उतना ही अधिक फैल सकता है.

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