Friday , 7 May 2021

रिश्वत मांगने वाले बाबू को 3 साल की सजा

(भिंड (Bhind)).न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश (judge) जितेंद्र कुमार बाजौलिया के न्यायालय ने गोहद तहसील में पदस्थ रहे बाबू हरविलास हिंडौलिया को 12 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में तीन वर्ष कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. शासन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक एडीपीओ अमोल सिंह तोमर ने कोर्ट को बताया आरोपित बाबू की शिकायत जवान के बेटे ने लोकायुक्त से की थी. लोकायुक्त ने आरोपित पर रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया था. कोर्ट ने साक्ष्‌य पाए जाने पर सजा सुनाई है.

एडीपीओ इंद्रेश प्रधान ने बताया 26 मार्च 2013 को बृजेंद्र सिंह पुत्र शिवसिंह धाकर निवासी ग्राम सिंधवारी थाना मालनपुर भिंड (Bhind) ने ग्वालियर (Gwalior) लोकायुक्त पुलिस (Police) को आवेदन देकर बताया कि पिता सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) में कार्यरत हैं. उन्हें शासन के नियमानुसार शासकीय जमीन मिलने की पात्रता है. फरियादी के पिता ने अपने कमांडेन्ट के माध्यम से कलेक्टर (Collector) भिंड (Bhind) को दस्तावेज भेजे थे, जिन्हें कलेक्टर (Collector) ने तहसील गोहद में भिजवाए थे. आवेदक जमीन के कार्य के लिए तहसील गोहद गया तो वहा पदस्थ बाबू हरविलास हिंडौलिया से मिला. आरोपित बाबू ने काम करने के एवज में 12 हजार रुपयों की मांग की.

बृजेंद्र ने लोकायुक्त पुलिस (Police) को दिए आवेदन में बताया कि वह बाबू को रिश्वत नहीं देना चाहता है. लोकायुक्त पुलिस (Police) ने आरोपित पर रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया था. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश (judge) जिला भिंड (Bhind) जितेन्द्र कुमार बाजौलिया ने एडीपीओ अमोल सिंह तोमर के तर्क से सहमत होते हुए दोष साबित होने पर आरोपित बाबू को 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया

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