Tuesday , 29 September 2020

असेंचर करेगी 5 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी, इसका असर भारतीय स्टाफ पर भी होगा


बेंगलुरु (Bengaluru) . ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंसल्टेंसी फर्म एक्सेंचर दुनिया भर में 5 फीसदी कर्मचरियों की छंटनी करेगी. एक्सेंचर कंपनी द्वारा छंटनी का असर भारत पर होगा. कंपनी करीब 25 हजार लोगों या ग्लोबल वर्कफोर्स की छंटनी करने जा रही है. ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल रिव्यू ने इस बारे में पहली बार अगस्त के मध्य में सूचित किया था. उसने असेंचर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जूली स्वीट द्वारा कर्मचारियों की बैठक का हवाला देते हुए कर्मचारियों की छंटनी के बारे में बताया था.

ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल रिव्यू ने बताया कि इस महीने एक इंटरनल ग्लोबल स्टाफ मीटिंग ऑनलाइन स्ट्रीम किया गया, जिसमें एक्सेंचर की जूली स्वीट ने कहा था कि सबकॉन्ट्रैक्ट्स और नई भर्ती को रोकने के बावजूद, कंपनी को अभी भी कर्मचारियों की संख्या घटाने की आवश्यकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीट ने कहा था कि चार्जेबिलिटी या उसके कर्मचारियों को काम के घंटे का भुगतान, एक दशक में पहली बार 90 फीसदी से कम हो गई है और परफॉर्मेंश मैट्रिक्स का इस्तेमाल कर कर्मचारियों के ट्रांजिशन आउट करने के लिए टारगेट किया जा रहा था.

द गार्जियन में 1 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ब्रिटेन में अपनी सेवाओं की कम मांग के कारण लागत को कम करने के लिए 900 नौकरियों की कमी कर रही थी. न्यूयॉर्क लिस्टेड कंपनी अबेरदीन, लंदन और कैम्ब्रिज सहित पूरे ब्रिटेन में 11,000 लोगों को रोजगार देती है. बता दें कि भारत में एक्सेंचर में करीब 2 लाख कर्मचारी हैं, जो कंपनी को टेक्नोलॉजी के लिए कर्मचारियों का हब बनता है. वहीं, कंपनी के दुनिया भर में कर्मचारियों की संख्या 5 लाख है. एक्सेंचर इंडिया के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की.