Friday , 25 June 2021

राज्य शासन की महत्ती राष्ट्रीय ग्रामीण योजना में भ्रष्टाचार का आरोप

बिलासपुर (Bilaspur) . राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना जो केंद्र सरकार (Central Government)की महत्ती योजना है जिसका मूल उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना है जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को आर्थिक संबल प्रदान हो मगर मरवाही वन मडंल में इन दिनों भ्रष्टाचार चरम पर है और जहां राष्ट्रीय ग्रामीण योजना में ग्रामीणों का हक मारकर अधिकारी और ठेकदार लाल हो रहे है.

उल्लेखनीय है कि जीपीएम जिले के मरवाही ब्लॉक के ग्राम बगरार में राष्ट्रीय ग्रामीण योजना अंतर्गत शासन द्वारा स्वीकृत 4 स्टॉप डेम का निर्माण कार्य होना है जिस कार्य के लिए एजेंसी वन विभाग को बनाया गया है. जिसकी कुल लागत लगभग 72 लाख रुपये है जिसकी स्वीकृति जिला पंचायत द्वारा दी गई है. वही मिली जानकारी अनुसार उक्त राशि का लगभग 85त्न 62 लाख रुपये आहरित कर ली गई.

वही स्थल निरीक्षण करने में यह बात सामने आई कि कार्य स्थल पर बड़का डहरी (बगरार) के पास भ्रष्टाचार को अंजाम देने के उद्देश्य से महज गड्डा खोदकर इति कर लिया गया साथ ही कुछ दिखाने के उद्देश्य से रेत और गिट्टी भी गिराई गई है. इससे साफ परिलक्षित होता है कि केंद्र सरकार (Central Government)की महत्ती योजना का बंदरबाँट करने के उद्देश्य से लगभग 85त्न राशि का आहरण कर लिया गया मगर आज पर्यंत तक स्थल पर कार्य शुरू नही किया गया है जो कि काफी गंभीर विषय है. महत्वपूर्ण विषय यह है कि केंद्र सरकार (Central Government)की महत्ती योजना जिसमे केंद्र सरकार (Central Government)की स्पष्ट गाइडलाइन है कि राष्ट्रीय ग्रामीण योजना के कार्य 30 जून तक पूर्ण किया जाना चाहिए साथ ही कार्य के अनुपात में क्रमश कार्य के उपरांत ही राशि क़िस्त में निकाला जाना चाहिए, मगर इसके विपरीत एजेंसी द्वारा बिना कोई मापदंड और मूल्यांकन किये स्वीकृत राशि का लगभग 85त्न राशि एक मुश्त में आहरित कर ली गई जो कि शासन द्वारा दिये दिशा निर्देशों का खुला उलग्घन है.

एक तरफ प्रदेश सरकार नवगठित जिले जीपीएम के विकास के लिए प्रतिबद्ध है मगर इसके विपरीत जिम्मेदार अधिकारी जिले को विकास की मुख्य धारा से जोडऩा छोड़ अपनी जेबे भरने में मस्त है, उक्त मामले की शिकायत जिला पंचायत सीओ से की गई जिसपर जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया. मगर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उक्त गंभीर मामले में अब तक किसी भी प्रकार की न तो कोई जांच की गई और न ही कार्यवाही की गई जिससे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है वही इस गंभीर मामले में संभागीय कमिश्नर से भी शिकायत की गई है. अब देखने वाली बात यह है कि की उक्त मामले में जिम्मेदार कैसे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते है या इसी तरह खुलेआम हो रहे भ्रष्टाचार अपनी आंखे बंद कर लेते है.

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