Friday , 25 September 2020

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला, डॉ. कफील पर NSA गैरकानूनी, शीघ्र करें रिहा

नई दिल्ली (New Delhi) . इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने डॉक्टर (doctor) कफील खान पर एनएसए लगाने को अनुचित बताते हुए उसे हटाने का आदेश जारी करते हुए को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया है. डॉ. कफील पर एनएसए लगाने को चुनौती दी गई थी. डॉ. कफील की मां नुजहत परवीन की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी.

दरअसल, डॉ कफील पर नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship amendment law) (सीएए) और एनआरसी को लेकर भड़काऊ भाषण देने के मामले में एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी. डीएम अलीगढ़ ने नफरत फैलाने के आरोप में डॉ. कफील पर एनएसए लगाया था. पिछले कई महीनों से कफील खान मथुरा जेल में बंद हैं. फैसला सुनाते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि अलीगढ़ डीएम की ओर से 13 फरवरी, 2020 को पारित आदेश (एनएसए की कार्रवाई) गैरकानूनी है. कफील खान को हिरासत में लेने की अवधि का विस्तार भी अवैध है. डॉ. कफील खान को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी किया जाता है.

डॉ. कफील खान की हिरासत को हाल में 3 महीने के लिए बढ़ा दी गई थी. पिछले करीब 6 महीने से एनएसए के तहत कफील खान मथुरा जेल में बंद हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 (2) के तहत 13 फरवरी 2020 को कफील खान को अलीगढ़ जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर निरुद्ध किया गया है.