Wednesday , 23 June 2021

डीएपी की कीमत बढ़ने से भड़के अखिलेश यादव

लखनऊ (Lucknow) . समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्‍य में डीएपी के रेट बढ़ाए जाने पर भाजपा सरकार पर हमला बोला है. उन्‍होंने ट्वीट किया, ‘ भाजपा राज में किसानों पर दोगुनी मार! किसान पहले से ही फसल का उचित दाम न मिलने के कारण परेशान हैं, लेकिन अब उनकी परेशानी और बढ़ चुकी है, क्योंकि डीएपी के दाम में 300 रुपये तक की वृद्धि हो चली है.’ इसके साथ सपा प्रमुख ने कहा है कि भाजपा सरकार किसानों पर अत्याचार बंद कर बढ़े हुए दामों को वापस ले. महंगे डीजल-पेट्रोल (Petrol) और बिजली से यूपी के किसान पहले से परेशान हैं और ऐसे में सरकार द्वारा डीएपी की कीमतों में रुपये 300 की वृद्धि करना किसनों के मुसीबत बन सकता है. यही नहीं, इस बहाने विपक्ष राज्‍य सरकार को घेर सकता है.

गौरतलब है कि निजी कंपनियों ने 50 किग्रा के बैग की कीमत 300 रुपये बढ़ा दी है. उत्‍तर प्रदेश में अभी तक डीएपी के 50 किग्रा के एक बैग की कीमत 1200 रुपये थे, लेकिन निजी क्षेत्र पीपीएल और जीएसएफसी ने इसका प्रिंट रेट 1500 रुपये कर दिया है. हालांकि अभी तक इफको ने डीएपी की कीमत नहीं बढ़ाई है. वैसे इफको के अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च के बाद उन्हें भी इस डीएपी की कीमत को लेकर कोई निर्णय लेना पड़ेगा. इफको के स्टेट मैनेजर अभिमन्यु राय के मुताबिक, डीएपी की कीमत बढ़ाने को लेकर नया स्टॉक आने पर निर्णय लिया जाएगा. वैसे कृषि विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, उत्‍तर प्रदेश के बाजार में अभी 3.62 लाख मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है. इसमें से बमुश्किल 20 हजार मीट्रिक टन डीएपी ही नए प्रिंट रेट की है.

बहरहाल, यूपी के कृषि विभाग के अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीएपी में इस्तेमाल होने वाले फॉस्फोरिक एसिड और रॉक फॉस्फेट की कीमत बढ़ने से यह माहौल पैदा हुआ है. यह दोनों उत्पाद देश में कम होने की वजह से बाहर से मंगाए जाते हैं. पिछले साल ही यूपी में डीएपी की कीमत में 50 रुपये का इजाफा हुआ था. अचानक 1150 रुपये में मिलने वाली डीएपी की कीमत बढ़कर 1200 रुपये हो गई थी.

Please share this news