Tuesday , 15 June 2021

एक साल बाद भी ट्रेनें नहीं आई पटरी पर, अब फिर संक्रमण फैलने से खतरा

भोपाल (Bhopal) . कोरोना संक्रमण के कारण जनता कर्फ्यू (Curfew) के साथ ही लॉकडाडन को एक साल बीत चुका है. बीते साल जनता कर्फ्यू (Curfew) के चलते रेलवे (Railway)ने भी 22 मार्च से यात्री ट्रेनों को निरस्त कर दिया था. एक जून से अनलॉक-1 में रेलवे (Railway)ने स्पेशल यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया था. हालांकि अनलॉक के बाद से अब तक केवल सत्तर फीसदी ही ट्रेनों का परिचालन रेलवे (Railway)द्वारा किया जा रहा है. ग्वालियर (Gwalior) आने-जाने वाली दर्जनों ट्रेनें एक साल बाद भी पटरी पर नहीं लौट सकी है. अब फिर कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने से ट्रेनों के संचालन पर खतरा पैदा हो गया है.

इन ट्रेनों के शुरु होने का हजारों मुसाफिरों को इंतजार है. बीते साल 22 मार्च से कोरोना संक्रमण के चलते रेलवे (Railway)ने ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया सन्नाटा पसरा दिखा. हालांकि आठ मई से प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए रेलवे (Railway)ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई. एक जून से अनलाक-1 की घोषणा हुई. इसमें पूरे देश में 200 यात्री स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया.

अनलॉक के बाद बदल गई व्यवस्था

अनलाक के बाद रेलवे (Railway)ने पूरी व्यवस्था ही बदल दी. ट्रेनों में केवल व्यवस्था ही बदल दी. ट्रेनों में केवल था. लाकडाउन में स्टेशन पर पहली बार कंफर्म रिजर्वेशन वाले यात्रियों (Passengers) को सफर की अनुमति दी गई है. प्लेटफार्म पर केवल मुसाफिरों को ही अंदर जाने की परमिशन दी जा रही है. लाूकडाउन के एक साल बाद भी भोपाल (Bhopal) को देश के कई प्रमुख शहरों से जोडऩे वाली दर्जनों ट्रेनों का संचालन रेलवे (Railway)ने एक साल बाद भी शुरू नहीं किया है.

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