Monday , 28 September 2020

वसुंधरा राजे के बंगले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में शपथ-पत्र

-गहलोत सरकार (Government) ने किया अवमानना कार्यवाही को हटाने का आग्रह

जयपुर (jaipur) . राजस्थान (Rajasthan) हाईकोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधा और बंगला आंवटित करने के मामले में अब गहलोत सरकार (Government) की ओर से अतिरिक्त शपथ- पत्र पेश किया गया है. दरअसल वकील मिलाप चंद डांडिया की ओर से अवमानना याचिका लगाई गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से कहा है कि 4 सितंबर 2019 को अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने के संबंध में किए गए प्रावधानों को रद्द कर दिया था. लिहाजा पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) वसुंधरा राजे को लेकर गहलोत सरकार (Government) की ओर से अतिरिक्त शपथ पत्र पेश किया गया है. इसमें सरकार (Government) की ओर से साफ किया गया है कि वसुंधरा राजे को वरिष्ठ विधायक होने के नाते बंगले दिया गया है.

राज्य सरकार (Government) के मुख्य सचिव राजीव स्वरूप की ओर से अदालत में पेश किए गए अतिरिक्त शपथ पत्र को लेकर यह आग्रह किया गया है कि नए तथ्यों को हाइकोर्ट रिकॉर्ड में शामिल करें. ताकि अवमानना याचिका में कार्रवाई को समाप्त किया जा सकें. वहीं न्यायाधीश (judge) सबीना और न्यायाधीश (judge) सीके सोगनरा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 12 जनवरी तक टाल दी है. मुख्य सचिव की ओर से पेश शपथ पत्र में कहा गया कि अदालती आदेश के पालन में राजस्थान (Rajasthan) मंत्री वेतनमान अधिनियम, 2017 के तहत पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गई सुविधाएं वापस ली जा चुकी है. वहीं, गत एक अगस्त को राजस्थान (Rajasthan) विधानसभा सदस्यों को निवासीय सुविधा नियम,1973 में संशोधन किया गया है. उसी के अनुरूप वसुंधरा राजे को बंगला आंवटित किया गया है. शपथ पत्र में नियमों का हवाला देकर अवमानना कार्रवाई को समाप्त किया गया है.