Sunday , 6 December 2020

Aarogy Setu AP मामले में नाराज आईटी मंत्रालय, अधिकारियों पर होगी कार्रवाई!


नई दिल्ली (New Delhi) . आरोग्य सेतु एप को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है. एप पर आरटीआई से जुडे सवाल के बाद सीआईसी ने आईटी मंत्रालय से जब जानकारी मांगी,तब बेतुका सा जवाब आया कि मंत्रालय को इसके बारे में नहीं पता. आईटी मंत्रालय के इस जवाब ने बवाल खड़ा कर दिया. क्योंकि आयोग्य सेतु एप को कोरोना काल में ही काफी कम समय में विकसित किया गया था. इस जवाब के बाद मंत्रालय के जवाबदेह अधिकारियों को तलब भी किया, लेकिन नतीजा वहीं निकला. मामले ने तूल पकड़ा,तब मंत्रालय का आलाकमान हरकत में आया.

आईटी मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, 8 अप्रैल 2020 को ही आईटी मंत्रालय ने आरोग्य सेतु के कामकाज को देखने के लिए एक 6 सदस्यीय ग्रुप बना दिया गया था. डीजी एनआईसी को इसका मिशन चीफ बनाया गया था. फिर भी आरटीआई में आरोग्य सेतु के बारे में सही जानकारी नहीं देना अधिकारियों की एक चूक है. सूत्रों के मूताबिक जिन अधिकारियों से यह गलती हुई है उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

एप को खुद पीएम मोदी ने लांच किया था और मंत्रालय ने बताया था कि ये दुनिया भर के श्रेष्ठ तकनीकियों को अपनाते हुए ये एप विकसित किया गया है. आरोग्य सेतु एप को लेकर सीआईसी के आदेश के बाद सूचना और प्रौध्योगिकी मंत्रालय ने आरोग्य सेतु को लेकर सफाई जारी करने में देर नहीं लगाई. मंत्रालय ने दो टूक में कहा कि कोविड 19 को रोकने में आयोग्य सेतु एप के रोल पर कोई संशय नहीं होना चाहिए. कोरोना काल में ये एप 21 दिन के रिकॉर्ड समय में बनाया गया था ताकि कोरोना पर काबू पाने में देश में बने एप का फायदा उठाया जा सके. साथ ही साथ इसी एप से कोरोना पॉजिटीव लोगों के कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का भी काम हो सके.

आरोग्य सेतु भारत के उद्योग, शिक्षा, और सरकार (Government) के जुडे श्रेष्ठ दिमागों की ये उपज थी. इस बहुत ज्यादा पारदर्शी तरीके से विकसित किया गया है. जिसमें प्राईवेसी पॉलिसी से लेकर डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल तक का बंदोबस्त है. आरोग्य सेतु ऐप के रेगुलर अपडेट भी सोशल मीडिया (Media) प्लेटफार्म और सरकारी पोर्टर पर आते रहते हैं. इस ऐप के माध्यम से जिन्हे भी टेस्ट कराने की सलाह दी गई उनमे 25 फीसदी पोजिटीव निकले. साथ ही एप से हॉट स्पॉट की पहचान करने में आसानी हुई. आईटी मंत्रालय का दावा है कि आरोग्य सेतु एप से कोरोना से जंग लड़ने में खासी मदद मिली है. हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने भी कोरोना को काबू में करने में इस एप के रोल की तारीफ की है.