Tuesday , 15 June 2021

70 फीसदी बिजनेस यूनिट जलवायु खतरे को लेकर चिंतित: सर्वे

नई दिल्ली (New Delhi) . जलवायु परिवर्तन के खतरों से उद्योग जगत भी अब चिंतित है. महाराष्ट्र (Maharashtra) के औद्योगिक क्षेत्र में किए गए एक सर्वेक्षण में 65 फीसदी इकाइयों ने माना कि वे कारोबार को जलवायु परिवर्तन के खतरों से मुक्त रखने को प्राथमिकता देते हैं. जबकि 70 फीसदी ने इस खतरे पर चिंता प्रकट की. उन्होंने माना कि जलवायु परिवर्तन से उनका कारोबार प्रभावित हुआ है. उत्पादन लागत में बढ़ोतरी हुई है तथा मुनाफे में गिरावट आई है. क्लाईमेट ट्रेंड्स की तरफ से किए गए सर्वेक्षण में यह नतीजे सामने आए हैं. शनिवार (Saturday) को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र (Maharashtra) के औद्योगिक क्षेत्र के 70 फीसदी से भी ज्यादा हिस्से का यह मानना है कि जलवायु परिवर्तन एक वास्तविक मुद्दा है. कुटीर लघु एवं मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के मुकाबले बड़े उद्योगों में इस मसले को लेकर ज्यादा गहरी समझ है. सर्वेक्षण का मकसद यह समझना था कि जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न जोखिमों, प्रतिक्रियाओं और इससे निपटने के लिए राज्य की जरूरतों के सिलसिले में उद्योग जगत क्या सोचता है. इस सर्वे में 404 कंपनियों को शामिल किया गया.

जिन्हें बड़े उद्योग तथा एमएसएमई में बराबर-बराबर बांटा गया. यह सर्वे मार्केट रिसर्च एजेंसी यूगव के जरिए दिसंबर 2020 में किया गया. सर्वे के दायरे में लिए गए क्षेत्रों में सॉफ्टवेयर और आईटी कंपनियां, वित्तीय सेवाएं तथा बीमा कंपनियां, रिटेल और ई-कॉमर्स, स्वास्थ्य एवं फॉर्मास्युटिकल्स, रियल स्टेट और विनिर्माण, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, ऑटोमोबाइल्स, परिवहन और जहाजरानी, खाद्य प्रसंस्करण एवं दुग्ध उत्पादन, मात्सियिकी, कपड़ा, स्टील और सीमेंट, पर्यटन और आतिथ्य, धातुकर्म, मशीनरी और इंजीनियरिंग, एफएमसीजी, कृषि इनपुट, रसायन एवं प्लास्टिक और रचनात्मक कला शामिल हैं. इस सर्वे के दौरान 45 फीसदी उत्तरदाताओं ने माना कि जलवायु परिवर्तन से उनका कारोबार प्रभावित हुआ है. 35 फीसदी कारोबारियों का दावा था कि जलवायु परिवर्तन एक विध्वंस लेकर आया है, जो पेड़-पौधों, जीव-जन्तुओं के विनाश की वजह से उनके कारोबार को निकल रहा है. इसलिए आज कार्बन उत्सर्जन में कमी करने की जरूरत को वह महसूस करते हैं.

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